रिपोर्ट/मुकेश बछेती
पौड़ी(पहाड़ खबरसार)पौड़ी में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत के तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अपनी सख्त कार्यशैली और भ्रष्ट दबाव के आगे न झुकने की वजह से वे लगातार कुछ प्रभावशाली लोगों के निशाने पर थे। विकास कार्यों में पारदर्शिता और नियमों को प्राथमिकता देने वाले अधिकारी के रूप में उनकी पहचान रही है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कई मामलों में अनियमितताओं पर रोक लगाने और कथित कमीशनखोरी पर सख्ती दिखाने से कुछ जनप्रतिनिधि और ठेकेदार वर्ग नाराज बताए जा रहे थे। यही वजह है कि उनके तबादले को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे ईमानदार अधिकारियों का मनोबल तोड़ने वाला कदम बता रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, सरकार की ओर से इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है। लेकिन आम लोगों के बीच चर्चा इस बात की है कि यदि विकास कार्यों को गति देने वाले अधिकारियों को ही दबाव में हटाया जाएगा, तो भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगेगा और पारदर्शी व्यवस्था कैसे मजबूत होगी।








