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कल्जीखाल में कांग्रेस की मजबूती पर फोकस, अरुणा कुमार ने संभाली कमान

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)कांग्रेस नेत्री अरुणा कुमार ने कल्जीखाल क्षेत्र में संगठन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष अजय पटवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसजनों और सामाजिक प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर संगठन को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की।
अपने दौरे के दौरान अरुणा कुमार ने वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं—डॉ. शंकर, विनोद नेगी और धर्मेन्द्र नेगी से मुलाकात कर क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती आई है और कार्यकर्ताओं की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे मिलकर क्षेत्र में पार्टी की विचारधारा को मजबूत करें और आम जनता तक पहुंच बनाएं।
इसके साथ ही उन्होंने महिला मंगल दल की अध्यक्ष गायत्री देवी से भी भेंट की और महिलाओं की भागीदारी को लेकर विशेष चर्चा की। अरुणा कुमार ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भूमिका के बिना समाज और राजनीति दोनों अधूरे हैं, इसलिए कांग्रेस महिलाओं को आगे लाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी रणनीति बनाई गई। अरुणा कुमार ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर काम करना ही असली राजनीति है और जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं और महिलाओं को साथ जोड़ना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
इस पूरे कार्यक्रम में आपसी समन्वय, एकजुटता और संगठन के प्रति समर्पण की भावना साफ तौर पर देखने को मिली। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अरुणा कुमार के प्रयासों की सराहना की और भरोसा दिलाया कि वे कांग्रेस पार्टी को क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
अंत में अरुणा कुमार ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की ताकत ही हमारी पहचान है और इसी के बल पर हम आने वाले समय में बेहतर परिणाम हासिल करेंगे।

घण्टाकर्ण मंदिर में सौर ऊर्जा से जल सुविधा बहाल, सांसद अनिल बलूनी के प्रयास रंग लाए

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

टिहरी गढ़वाल(पहाड़ खबरसार)टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत घंडियाल (डांडा) स्थित घण्टाकर्ण मंदिर, क्वीली में जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल साकार हुई है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के अथक प्रयासों से सांसद निधि के तहत यहां सोलर वाटर मोटर एवं सोलर सिस्टम की स्थापना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को अब स्वच्छ पेयजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। पहले जहां पानी की कमी के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब सौर ऊर्जा आधारित इस व्यवस्था ने समस्या का स्थायी समाधान प्रदान किया है।
घण्टाकर्ण मंदिर क्षेत्र धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के कारण यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में जल सुविधा की उपलब्धता न केवल श्रद्धालुओं की सहूलियत बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन को भी आसान बनाएगी।
इस पहल की खास बात यह है कि इसे सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करते हुए यह परियोजना हरित ऊर्जा के उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।
स्थानीय लोगों ने इस कार्य के लिए सांसद अनिल बलूनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, यह पहल आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम कर सकती

“पौड़ी तारामंडल: गढ़वाल से उठेगी विज्ञान क्रांति, उत्तराखण्ड को मिलेगी नई पहचान”

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“पौड़ी तारामंडल: गढ़वाल से उठेगी विज्ञान क्रांति, उत्तराखण्ड को मिलेगी नई पहचान”

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)गढ़वाल की शांत और सुरम्य वादियों से अब विकास की एक नई रोशनी निकलने जा रही है। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार पौड़ी में अत्याधुनिक तारामंडल का निर्माण हो रहा है, जो विज्ञान, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे प्रदेश के भविष्य से सीधे जोड़ा जा रहा है।
पौड़ी में बन रहा यह आधुनिक तारामंडल केवल एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध और नवाचार का केंद्र होगा। यहां छात्र-छात्राओं और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान और नई तकनीकों की गहराई से जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी रुचि विज्ञान के प्रति और अधिक बढ़ेगी। साथ ही, यह संस्थान शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा, जिससे उत्तराखण्ड के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। तारामंडल के बनने से पौड़ी एक नए आकर्षण के रूप में उभरेगा, जिससे देश-विदेश के पर्यटक यहां आएंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
यह पहल उत्तराखण्ड को विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों के द्वार खोलेगी। सशक्त नेतृत्व और समर्पित प्रयासों का यह परिणाम निश्चित ही “विकसित उत्तराखण्ड, समृद्ध उत्तराखण्ड” के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

जौनसार-बावर में अनोखी शादी: एक परिवार में एक साथ पाँच बहुओं का स्वागत

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  • रिपोर्ट/मुकेश बछेती

     

    चकराता(पहाड़ खबरसार)चकराता तहसील के अंतर्गत जौनसार-बावर क्षेत्र के गाँव खारसी में आज एक अनोखा और ऐतिहासिक विवाह समारोह देखने को मिला। यहाँ एक ही परिवार में एक साथ छह शादियाँ संपन्न हुईं, जिनमें पाँच दुल्हनें एक साथ अपने ससुराल पहुँचीं। यह दृश्य न केवल आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध परंपरा और सामाजिक एकता की मिसाल भी पेश करता है।

    गाँव खारसी में आज भी संयुक्त परिवार की परंपरा मजबूत है, जहाँ कई पीढ़ियाँ साथ रहकर हर जिम्मेदारी को मिलकर निभाती हैं। इसी परंपरा के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया, जिससे आर्थिक बोझ कम होने के साथ-साथ परिवार और समाज में सहयोग की भावना भी मजबूत हुई।

    इस तरह के आयोजनों में खर्च कम होता है और रिश्तों में अपनापन बढ़ता है। आधुनिक समय में जहाँ शादियाँ दिखावे की ओर बढ़ रही हैं, वहीं खारसी का यह आयोजन सादगी, परंपरा और एकता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।

    यह सामूहिक विवाह समारोह समाज को यह संदेश देता है कि असली खुशी आपसी प्रेम, सहयोग और संस्कारों में ही छिपी होती है।



गढ़वाल में विकास की रफ्तार या अधूरा सफर? 2 साल बाद सांसद अनिल बलूनी के कामों की बड़ी पड़ताल

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)2024 लोकसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड की गढ़वाल सीट देश की सबसे चर्चित सीटों में रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मिले जनादेश के बीच भाजपा ने अपने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी को मैदान में उतारा और बड़ी जीत दर्ज की। चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गजों की रैलियों ने इस सीट को हाई-प्रोफाइल बना दिया था।
करीब 22 महीने के कार्यकाल के बाद अब बड़ा सवाल यही है—क्या गढ़वाल की तस्वीर बदली है या बदलाव अभी अधूरा है?
इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन: योजनाओं की भरमार, असर आंशिक
गढ़वाल में पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू हुई हैं। पौड़ी में बन रहा अंतरिक्ष तारामंडल (प्लैनेटोरियम) और बंद पड़े पर्यटक गृहों का पुनर्जीवन क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रहे हैं।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी मिलना बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा तुंगनाथ क्षेत्र में बायो टॉयलेट और औली में विंटर गेम्स को बढ़ावा देने की दिशा में पहल हुई है।
हालांकि इन परियोजनाओं का पूरा असर तब ही दिखेगा जब ये समय पर पूरी होंगी और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य: बुनियादी ढांचे पर फोकस
शिक्षा के क्षेत्र में गढ़वाल को 4 केंद्रीय विद्यालयों की मंजूरी मिलना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कोटद्वार में पढ़ाई शुरू हो चुकी है, जबकि नरेंद्रनगर और थराली में निर्माण कार्य जारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कोटद्वार और उत्तरकाशी में ICU निर्माण कार्य चल रहा है। कोटद्वार में आर्मी बैटल अस्पताल की स्वीकृति को भी रणनीतिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है।
लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
रेल और सड़क कनेक्टिविटी: कनेक्टिविटी में सुधार की कोशिश
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार को मजबूत रेल कनेक्टिविटी देने के प्रयास हुए हैं। कोटद्वार-आनंद विहार रात्रि ट्रेन और जनशताब्दी एक्सप्रेस की शुरुआत से यात्रियों को राहत मिली है।
देहरादून से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का नजीबाबाद में स्टॉपेज दिलाना भी एक खास उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
सड़क नेटवर्क में भी राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और पीएमजीएसवाई के तहत बड़ी संख्या में सड़कों की स्वीकृति से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
फिर भी कई पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान: विरासत को पहचान दिलाने की कोशिश
कोटद्वार के कण्वाश्रम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की दिशा में सर्वे कार्य होना सांस्कृतिक दृष्टि से अहम कदम है।
वहीं इगास जैसे पारंपरिक लोकपर्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल ने स्थानीय संस्कृति को नई पहचान दी है।
पासपोर्ट कार्यालय की स्थापना जैसे कदमों ने आम जनता को सीधी सुविधा दी है।
अन्य बड़े दावे और परियोजनाएं
सांसद द्वारा कई अन्य कार्यों को भी उपलब्धि के रूप में गिनाया जा रहा है, जिनमें—
जोशीमठ में मिनी स्टेडियम
रामनगर-धनगढ़ी पुल
जनसंपर्क क्रांति ट्रेन का स्टॉपेज
वाइब्रेंट विलेज योजना
चमोली के लिए आर्थिक पैकेज
लक्ष्मण झूला क्षेत्र में बजरंग सेतु
कंडी मार्ग और लालढांग-चिलरखाल सड़क जैसे मुद्दों पर पहल
इनमें से कई परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं या शुरुआती चरण में हैं।
जमीनी हकीकत बनाम दावे
अगर समग्र रूप से देखा जाए तो गढ़वाल में विकास कार्यों की शुरुआत और गति जरूर दिखाई देती है। लेकिन अधिकतर परियोजनाएं अभी अधूरी हैं, जिससे आम जनता को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।
स्थानीय लोगों का एक वर्ग मानता है कि “काम शुरू होना ही बड़ी बात है”, जबकि दूसरा वर्ग कहता है कि “विकास का असली मतलब तब है जब परिणाम जमीन पर दिखे।”
निष्कर्ष: शुरुआत मजबूत, मंजिल अभी दूर
गढ़वाल लोकसभा में बीते दो वर्षों में विकास की दिशा में कदम जरूर उठे हैं। सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से कई परियोजनाएं आईं और कुछ पर काम भी शुरू हुआ।
लेकिन “अग्रणी लोकसभा” बनने का लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है। आने वाले 2-3 साल यह तय करेंगे कि ये योजनाएं गढ़वाल की तस्वीर बदल पाती हैं या नहीं।
फिलहाल गढ़वाल बदलाव के रास्ते पर जरूर है, लेकिन मंजिल तक पहुंचने के लिए रफ्तार और परिणाम—दोनों की जरूरत है।

“चुनावी मंच से विकास की जमीन तक: बलूनी के दो साल का लेखा-जोखा”

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रिपोर्ट-मुकेश बछेती

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)लोकसभा चुनाव 2024 को लगभग दो वर्ष होने को हैं। उत्तराखंड की जनता ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पांचों सीटें भाजपा को सौंपी थीं। इनमें सबसे चर्चित सीट रही गढ़वाल लोकसभा, जहां भाजपा ने अपने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मैदान में उतारा था।
चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे कई बड़े नेताओं ने गढ़वाल में जनसभाएं कीं। बलूनी ने गढ़वाल को “अग्रणी लोकसभा” बनाने का संकल्प लिया था। अब सवाल है—दो वर्षों में उस रोडमैप पर कितना काम हुआ?
बलूनी के कार्यकाल में पौड़ी में अंतरिक्ष तारामंडल निर्माण कार्य तेज हुआ। बंद पड़े पर्यटक गृह को पुनः संचालित कर जनता को समर्पित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में 4 केंद्रीय विद्यालयों की मंजूरी मिली, जिनमें 3 गढ़वाल (कोटद्वार, नरेंद्रनगर, सावड़-थराली) में स्वीकृत हुए। कोटद्वार में पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
तीर्थाटन को बढ़ावा देने हेतु केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं स्वीकृत हुईं। औली में विंटर गेम्स, जोशीमठ में मिनी स्टेडियम, कोटद्वार में पासपोर्ट कार्यालय, नई रेल सेवाएं (आनंद विहार रात्रि ट्रेन, जनशताब्दी) और रेलवे स्टेशन का नव निर्माण—ये भी प्रमुख उपलब्धियां बताई जा रही हैं।
सड़क और पुल निर्माण में भी उल्लेखनीय कार्य हुए—बजरंग सेतु, बीन नदी पुल, धनगढ़ी पुल, सिंगटाली पुल, पागल नाला निर्माण, और राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण जैसे कार्य प्रगति पर हैं।
इगास जैसे लोकपर्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी बलूनी की भूमिका चर्चा में रही।
कुल मिलाकर, समर्थकों का मानना है कि बलूनी ने चुनावी वादों को ज़मीन पर उतारने की दिशा में सक्रिय प्रयास किए हैं। हालांकि अंतिम मूल्यांकन जनता के हाथ में ही है।

पशु सखी बनीं गांव की ‘डॉक्टर दीदी’, बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

*पशु सखी योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती महिलाएं, घर-घर मिल रही पशु स्वास्थ्य सेवाएं*

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)पहाड़ के दूरस्थ गांवों में अब पशुओं के उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। गांव की ही महिलाएं “पशु सखी” बनकर घर-घर पशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित यह योजना जहां पशुपालकों के लिए राहत साबित हो रही है, वहीं ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम भी बन रही है।

जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित “पशु सखी” पहल एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से प्रशिक्षित कर पशु सखी के रूप में तैयार किया गया है। इन महिलाओं को 7 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण एवं 15 दिवसीय ए-हेल्प प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

प्रशिक्षण प्राप्त पशु सखियां अब ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, टैगिंग, बीमा एवं देखभाल जैसी सेवाएं घर-घर जाकर उपलब्ध करा रही हैं। इससे पशुपालकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा पशुओं का समय पर उपचार सुनिश्चित हो पा रहा है।

आर्थिक दृष्टि से भी यह पहल महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। प्रत्येक पशु सखी को ग्रामोत्थान परियोजना के तहत आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त टैगिंग, बीमा एवं टीकाकरण जैसे कार्यों पर प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।

कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पशु सखियों को आवश्यक उपकरणों से युक्त “पशु सखी किट” एवं स्मार्ट मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके माध्यम से वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टिंग, सूचना आदान-प्रदान तथा तकनीकी परामर्श भी प्राप्त कर रही हैं। ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि जनपद में 31 महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 27 पशु सखियां वर्तमान में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। ये पशु सखियां राजकीय पशु चिकित्सकों के मार्गदर्शन में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं तथा पशुपालन विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक दवाइयां व तकनीकी सहयोग व मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि पशु सखियों को टीकाकरण एवं प्राथमिक उपचार का विधिवत प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे प्रभावी ढंग से सेवाएं प्रदान कर पा रही हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि “पशु सखी” पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है। यह योजना महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आय में वृद्धि कर रही है। साथ ही पशुपालकों को समय पर सेवाएं मिलने से पशुधन की उत्पादकता में भी सकारात्मक सुधार हो रहा है।

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, 2027 में हैट्रिक का संकल्प

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ-/भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में पाबौ व पैठाणी मंडल में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से गोष्ठी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गणेश नेगी राठी ने की। कार्यक्रम में युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पार्टी की विचारधारा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर गणेश नेगी राठी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दो सीटों से शुरुआत कर आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। यह कार्यकर्ताओं की मेहनत और आम जनमानस के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से 2027 विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी 2022 से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2027 में प्रदेश में हैट्रिक लगाकर पुनः सरकार बनाएगी।

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, 2027 में हैट्रिक का संकल्प

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ-/भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में पाबौ व पैठाणी मंडल में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से गोष्ठी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गणेश नेगी राठी ने की। कार्यक्रम में युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पार्टी की विचारधारा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर गणेश नेगी राठी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दो सीटों से शुरुआत कर आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। यह कार्यकर्ताओं की मेहनत और आम जनमानस के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से 2027 विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी 2022 से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2027 में प्रदेश में हैट्रिक लगाकर पुनः सरकार बनाएगी।

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, 2027 में हैट्रिक का संकल्प

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ-/भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में पाबौ व पैठाणी मंडल में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से गोष्ठी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गणेश नेगी राठी ने की। कार्यक्रम में युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पार्टी की विचारधारा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर गणेश नेगी राठी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दो सीटों से शुरुआत कर आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। यह कार्यकर्ताओं की मेहनत और आम जनमानस के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से 2027 विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी 2022 से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2027 में प्रदेश में हैट्रिक लगाकर पुनः सरकार बनाएगी।

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