रिपोर्ट-मुकेश बछेती
पौड़ी(पहाड़ खबरसार)लोकसभा चुनाव 2024 को लगभग दो वर्ष होने को हैं। उत्तराखंड की जनता ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पांचों सीटें भाजपा को सौंपी थीं। इनमें सबसे चर्चित सीट रही गढ़वाल लोकसभा, जहां भाजपा ने अपने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मैदान में उतारा था।
चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे कई बड़े नेताओं ने गढ़वाल में जनसभाएं कीं। बलूनी ने गढ़वाल को “अग्रणी लोकसभा” बनाने का संकल्प लिया था। अब सवाल है—दो वर्षों में उस रोडमैप पर कितना काम हुआ?
बलूनी के कार्यकाल में पौड़ी में अंतरिक्ष तारामंडल निर्माण कार्य तेज हुआ। बंद पड़े पर्यटक गृह को पुनः संचालित कर जनता को समर्पित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में 4 केंद्रीय विद्यालयों की मंजूरी मिली, जिनमें 3 गढ़वाल (कोटद्वार, नरेंद्रनगर, सावड़-थराली) में स्वीकृत हुए। कोटद्वार में पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
तीर्थाटन को बढ़ावा देने हेतु केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं स्वीकृत हुईं। औली में विंटर गेम्स, जोशीमठ में मिनी स्टेडियम, कोटद्वार में पासपोर्ट कार्यालय, नई रेल सेवाएं (आनंद विहार रात्रि ट्रेन, जनशताब्दी) और रेलवे स्टेशन का नव निर्माण—ये भी प्रमुख उपलब्धियां बताई जा रही हैं।
सड़क और पुल निर्माण में भी उल्लेखनीय कार्य हुए—बजरंग सेतु, बीन नदी पुल, धनगढ़ी पुल, सिंगटाली पुल, पागल नाला निर्माण, और राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण जैसे कार्य प्रगति पर हैं।
इगास जैसे लोकपर्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी बलूनी की भूमिका चर्चा में रही।
कुल मिलाकर, समर्थकों का मानना है कि बलूनी ने चुनावी वादों को ज़मीन पर उतारने की दिशा में सक्रिय प्रयास किए हैं। हालांकि अंतिम मूल्यांकन जनता के हाथ में ही है।












