Home Blog Page 9

देहरादून में स्वास्थ्य संवाद व विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,रक्तदान शिविर में 216 यूनिट रक्त का हुआ संग्रहण

0

अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कहा “स्वैच्छिक प्रयासों से बनता है सशक्त समाज”

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

देहरादून(पहाड़ खबरसार)देहरादून के मोथरोवाला स्थित अमोलाज रेस्टोरेंट में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन और 17 सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित स्वास्थ्य संवाद व स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में समाजसेवा की मिसाल पेश हुई। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और कुल 216 यूनिट रक्तदान हुआ। कार्यक्रम का संचालन योगम्बर पोली, संस्था के सचिव राकेश बिजलवाण ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष अरूण चमोली, सचिव राकेश बिजलवाण, संरक्षक डॉ एसडीजोशी, अरूण शर्मा, मनोज इष्टवाल, जय प्रकाश अमोला, उपाध्यक्ष घनश्याम जोशी, सह सचिव अवधेश नौटियाल, कोषाध्यक्ष अमित अमोली, मीडिया सचिव रमन जायसवाल, सांस्कृतिक सचिव जगमोहन मौर्य, सह मीडिया सचिव शिवराज राणा सहित सभी संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

*रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं- उमेश शर्मा काउ*
मुख्य अतिथि विधायक रायपुर उमेश शर्मा काउ ने रक्तदान शिविर की सराहना करते हुए कहा रक्तदान जीवनदान है। हम सभी को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए ताकि जरूरतमंदों को समय पर रक्त मिल सके। समाज की बेहतरी के लिए ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करना हम सभी का दायित्व है।

*युवा शक्ति से ही सामाजिक बदलाव संभव- बंशीधर तिवारी*
इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि, अपर सचिव मुख्यमंत्री, महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग बंशीधर तिवारी उत्तराखंड ने कहा यह देखना अत्यंत प्रेरणादायक है कि युवा वर्ग बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए आगे आ रहा है। यह दर्शाता है कि हमारी नई पीढ़ी सामाजिक सरोकारों के प्रति कितनी सजग है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। बंशीधर तिवारी ने कहा समाज निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं, बल्कि ऐसे स्वयंसेवी प्रयास ही असली आधार बनते हैं। ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन जैसी संस्थाएं जब आगे आकर युवाओं को जोड़ती हैं, तो समाज में बदलाव की नींव मजबूत होती है। रक्तदान जैसे कार्यों से न केवल जीवन बचता है, बल्कि मानवता को जीवंतता मिलती है। आज जब हम स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की बात करते हैं, तो इस शिविर जैसा आयोजन एक आदर्श मॉडल बन सकता है। मैं आयोजकों, रक्तदाताओं और सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने इस नेक कार्य में सहयोग दिया।

*स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान सराहनीय- डॉ. आशुतोष सयाना*
इस अवसर पर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, ने कहा स्वैच्छिक रक्तदान से हमें जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। यह कार्य चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। हमें अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए जागरूक करना होगा।

*मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण- अजय डबराल*
इस अवसर पर सचिव मंडी समिति अजय डबराल ने कहा संस्था का यह आयोजन एक सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने का जीवंत उदाहरण है। समाज के हर वर्ग को इस तरह के प्रयासों में भाग लेना चाहिए।

*सामूहिक प्रयासों से ही होती है बड़ी सफलता- रवि बिजारनियां*
इस अवसर पर कार्यक्रम की प्रमुख सहयोगी संस्था पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष और उप-निदेशक सूचना रवि बिरजानियां ने कहा इस आयोजन में विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता यह सिद्ध करती है कि जब हम एकजुट होते हैं, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। पीआरएसआई देहरादून चैप्टर की ओर से मैं इस प्रयास की सराहना करता हूँ।

*स्वस्थ समाज के लिए संकल्पबद्ध होना जरूरी-ललित जोशी*
इस अवसर पर ललित जोशी, चेयरमैन, CIMS कॉलेज ने कहा हम सभी को अपने जीवन का एक छोटा हिस्सा समाज के नाम समर्पित करना चाहिए। रक्तदान एक ऐसा कार्य है जिसमें किसी का जीवन बचता है और समाज को नई ऊर्जा मिलती है।

*सेवा ही असली धर्म- दिग्मोहन*
इस अवसर पर कुंती फाउंडेशन के दिग्मोहन नेगी ने कहा रक्तदान जैसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि हम केवल बात नहीं करते, वास्तव में समाजसेवा में लगे हुए हैं। यह सेवा धर्म की भावना है।

*मीडिया को भी निभानी होगी सामाजिक भूमिका-भूपेन्द्र कंडारी*
इस अवसर पर भूपेन्द्र कंडारी अध्यक्ष उत्तरांचल प्रेस क्लब ने कहा मीडिया केवल सूचनाओं का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण का अहम स्तंभ है। ऐसे आयोजनों को प्रचारित कर हम समाज को प्रेरित कर सकते हैं।

*समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना- डॉ. एस.डी. जोशी*
इस अवसर पर डॉ. एस.डी. जोशी, संरक्षक, विचार एक नई सोच ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा हमारा उद्देश्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। संस्था के संरक्षक अरुण शर्मा और मनोज इष्टवाल ने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और संस्था की अब तक की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

*21 व्यक्तियों का हुआ सम्मान*
इस मौके पर स्वास्थ्य व सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए 21 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। जिनमें अर्जुन सिंह बिष्ट, अनिल सती, सुरेश भट्ट, प्रशांत रावत, विजय रावत, आशीष ध्यानी, राजेश पोलखोल बहुगुणा, वैभव गोयल, विनोद मुसान, सुबोध भट्ट, जगमोहन डांगी, बहादुर, चन्दर एस कैंतुरा, बीर सिंह पंवार धनराज, अनुराग शुक्ला, सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

*17 संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका*
विचार एक नई सोच सामाजिक संगठन सहित 17 सहयोगी संस्थांओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसमें पी.आर.एस.आई, देहरादून चैप्टर, उत्तरांचल प्रेस क्लब, उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, हिमालयन डिस्कवर फांउडेशन, अमोलाज रेस्टोरेंट, रंत रैबार संस्था, लाइफ केयर पैथोलॉजी सेंटर, देहरादून, उत्तरजन टुडे सेंचुरियन क्लब, रजनी टाइम्स, समाचार पत्र, कलर्ड चैकर्स फिल्म एंड इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज देहरादून, भविष्य की उड़ान, समाचार पत्र, बालाजी टाइम्स, समाचार पत्र, आकाश शिक्षा एवं सांस्कृतिक विकास समिति, देहरादून, फ़्यूजन इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, देहरादून, सत्ता एक्सप्रेस समाचार पत्र, कुंती दयाल फांउडेशन का अहम योगदान रहा।

कार्यक्रम का संचालन योगम्बर पोली, संस्था के सचिव राकेश बिजलवाण ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष अरूण चमोली, सचिव राकेश बिजलवाण, संरक्षक डॉ एसडीजोशी, अरूण शर्मा, मनोज इष्टवाल, जय प्रकाश अमोला, उपाध्यक्ष घनश्याम जोशी, सह सचिव अवधेश नौटियाल, कोषाध्यक्ष अमित अमोली, मीडिया सचिव रमन जायसवाल, सांस्कृतिक सचिव जगमोहन मौर्य, सह मीडिया सचिव शिवराज राणा सहित सभी संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैंग्वाड़ी की कविता नौडियाल हर माह कमा रही हैं 40 हजार रुपये, पांच महिलाओं को भी दिया रोजगार

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)विकासखंड पौड़ी के बैंग्वाड़ी गांव की कविता नौड़ियाल ने अपनी मेहनत और हौसले से न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा बन गयी हैं। कविता ने 2018 में छोटे स्तर पर फूलों की खेती से नर्सरी का कार्य शुरू किया था, जो अब एक सफल उद्यम में बदल चुका है। वर्तमान में वे फूलदार और औषधीय पौधों की नर्सरी से हर माह 30 से 40 हजार रुपये की शुद्ध बचत कर रहे हैं। उन्होंने इस नर्सरी का नाम विद्या नर्सरी रखा है।

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने बैंगवाड़ी गांव पहुंचकर कविता नौडियाल द्वारा संचालित नर्सरी का निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी में तैयार फूलदार, औषधीय एवं फलदार पौधों की सराहना करते हुये कहा कि कविता ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। सीडीओ ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुये कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ लेकर इस कार्य को और भी बड़े स्तर पर करें, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाएं इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

कविता ने बताया कि उन्होंने इस कार्य की शुरुआत फूलों की पौध तैयार कर की थी, लेकिन धीरे-धीरे औषधीय पौधों की ओर भी उनका रुझान बढ़ता गया। आज उनकी नर्सरी में रोजमैरी, अजवाइन, तुलसी, तेजपत्ता, वेलपत्री और एलोवेरा जैसे औषधीय पौधे बड़ी मात्रा में तैयार किये जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के फूलों की पौध के साथ-साथ अब फलदार पौधों जैसे बेड़ू, अनार, लीची और आम की पौध तैयार करना भी शुरु कर दिया है। फूलों की मांग बढ़ने पर उन्होंने माला और गुलदस्ते तैयार करने का काम भी शुरू किया है, जिससे एक अन्य महिला को भी रोजगार मिला है। कविता वर्तमान में पांच महिलाओं को नर्सरी के काम से जोड़ चुकी हैं और आगे और महिलाओं को स्वरोजगार देने की योजना बना रही हैं।

कविता बताती हैं कि उन्हें हिमोत्थान से 25 हजार रुपये की सहायता, उद्यान विभाग से दो पॉलीहाउस और कृषि विभाग से घेरबाड़ की सुविधा प्राप्त हुई है। इन प्रयासों की बदौलत आज उनकी नर्सरी की पौध की मांग पौड़ी जनपद के साथ-साथ अन्य जिलों में भी लगातार बढ़ रही है। वह कहती हैं कि कोई भी कार्य कठिन नहीं होता, यदि मन में लगन और दिशा हो।

त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में युवाओं का जोश, महिलाओं की भागीदारी भी अहम

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 2 जुलाई से 5 जुलाई तक नामांकन की तिथि तय की है, जबकि 10 ओर 11 जुलाई नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी। मतदान दो चरणों में 24 और 28 जुलाई को होगा, वहीं मतगणना 31 जुलाई को की जाएगी।

इस बार के चुनाव में युवाओं का जोश देखते ही बनता है। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान पदों के लिए कई युवा मैदान में उतर रहे हैं। जनपद पौड़ी के विकासखंड पाबौ की बात करें तो यहां प्रधान पद के लिए 72, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 27 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 3 सीटें हैं। इन सीटों पर युवाओं का रुझान सोशल मीडिया और जमीनी प्रचार में साफ दिख रहा है।

चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद युवा उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं। वे सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हैं और जनसंपर्क अभियान तेज कर दिए हैं। इस चुनाव को युवा न केवल राजनीतिक अवसर मान रहे हैं, बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी और रोजगार की दिशा में एक कदम भी मानते हैं।

वहीं दूसरी ओर, अनुभवी जनप्रतिनिधि भी युवाओं को चुनौती देने को तैयार हैं। महिला आरक्षण लागू  होने के बाद कई वर्तमान जनप्रतिनिधि अपनी धर्मपत्नी को चुनाव मैदान में उतार रहे हैं और प्रचार में जुट गए हैं। जनता की नजर अब इस बात पर है कि क्षेत्र की बागडोर युवा नेतृत्व को मिलती है या अनुभव को।

पूर्व डीएम पौड़ी डॉ. आशीष चौहान का गढ़वाली अंदाज में विदाई संदेश वायरल

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)पौड़ी के पूर्व जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान का तबादला देहरादून हो जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक विदाई संदेश साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। खास बात यह रही कि यह संदेश उन्होंने गढ़वाली भाषा में लिखा, जिससे स्थानीय लोगों के दिलों को गहराई से छू गया।

डॉ. चौहान ने लिखा कि वे दिल की गहराइयों से पौड़ी के सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने करीब पौने तीन वर्षों के कार्यकाल में उन्हें भरपूर स्नेह और सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि वे इस स्नेह को जीवनभर याद रखेंगे।

गढ़वाली भाषा में लिखा उनका यह संदेश उनकी स्थानीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव और संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने लिखा

*मेरा पौड़ी का भै-बैंणौ, नमस्कार!
मिल जतगा बि टैम यख बिताई, उ मिखणि सदानी समलौंण छीं।
मेरु ट्रांसफर ह्वे गे। मि त चल ग्यों, पर तुम्हरु प्यार, तुम्हरु लाड़ सदानी म्ये दगड़ि रौलु, बस इतगा आसा चा🙏🏻*

-तुम्हरु अपणु
आशीष चौहान

 

आमजन से लेकर अधिकारी वर्ग तक, सभी के बीच अपनी सरलता और सहजता के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. चौहान पौड़ी में बेहद लोकप्रिय रहे। आम लोग भी बिना किसी संकोच के उनसे मिलने पहुंच जाते थे, यही वजह है कि उनके स्थानांतरण से कई लोग भावुक हो गए हैं।

उनका यह गढ़वाली भावनात्मक संदेश लोगों के बीच लगातार साझा किया जा रहा है और पौड़ीवासियों के लिए एक यादगार विदाई की तरह देखा जा रहा है।

जिला योजना बैठक में चार विभाग रहे अनुपस्थित, डीएम ने तलब किया स्पष्टीकरण

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार) नवनियुक्त जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला योजना की समीक्षा बैठक ली, जिसमें कई अहम निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग, रेशम विभाग, सेवायोजन विभाग और सहकारिता विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इन विभागों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और जब तक ये विभाग अनुपस्थिति का ठोस कारण नहीं बताते, तब तक इनका योजना मद का बजट जारी नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी भदौरिया ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जिला योजना के अंतर्गत मिलने वाले धन का उपयोग केवल जनहितकारी और परिणाम आधारित योजनाओं पर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों से कम-से-कम एक नई और सार्थक योजना प्रस्तावित करें ताकि जिले में विकास कार्यों को मजबूती मिल सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिजूल और कम प्रभावशाली योजनाओं को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। डीएम ने जोर देकर कहा कि केवल उन्हीं योजनाओं को प्रस्तावित किया जाए जिनका सीधा लाभ जनता को मिले और जिनके सकारात्मक परिणाम ज़मीनी स्तर पर दिखें। बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

फुटबॉल में फिर चमका पौड़ी का सितारा, तीन होनहारों का चयन स्पोर्ट्स संस्थानों में

0

पहाड़ खबरसार ब्यूरो रिपोर्ट

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार) फुटबॉल की धरती कहे जाने वाले पौड़ी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यहां के तीन होनहार युवाओं का चयन प्रतिष्ठित खेल संस्थानों में हुआ है। आदित्य पंवार का चयन स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए हुआ है, जबकि आदित्य फरस्वाण और राघव पटवाल को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में दाखिला मिला है।

इन युवाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कोच रवि रावत ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से सीमित संसाधनों में बच्चों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। अब तक उनके मार्गदर्शन में तीन दर्जन से अधिक बच्चे विभिन्न खेल संस्थानों में चयनित हो चुके हैं।

कोच रावत ने कहा, “पौड़ी में फुटबॉल की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन संसाधनों की भारी कमी के चलते कई प्रतिभाएं शुरुआत में ही रुक जाती हैं। अगर प्रशासन व सरकार थोड़ा सहयोग करे, तो यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।”

सीमित संसाधनों के बावजूद, कोच रावत की मेहनत और बच्चों की लगन ने पौड़ी को एक बार फिर खेल मानचित्र पर चमकाया है।

पंचायत चुनाव के संबंध में बड़ी इंतजार की घड़ी, कोर्ट के फैसले के लिए अभी करना होगा 24 घण्टे का इंतज़ार

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

नैनीताल(पहाड़ खबरसार)

पंचायत चुनाव का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे नेताओं को न्यायालय के फैसले के लिए 24 घंटे और इंतजार करना होगा। इस संबंध में दायर याचिकाओं पर हाई कोर्ट अब 25 जून को सुनवाई करेगा।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर लगी अंतरिम रोक को फिलहाल बरकरार रखा है। राज्य सरकार की ओर से आज मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष स्टे वेकेशन (रोक हटाने) का अनुरोध किया गया, जिसे खंडपीठ ने बुधवार दोपहर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त ने 21 जून को प्रदेश के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का कार्यक्रम जारी कर चुके हैं। लेकिन बीते सोमवार को हाईकोर्ट ने पंचायत आरक्षण के मुद्दे को लेकर चुनावों पर रोक लगा दी। इससे सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। इस मसले पर नौकरशाही की ढिलाई भी सामने आ रही है।

इधऱ, मामले में अब तक दायर की गई सभी याचिकाओं को एक साथ क्लब कर बुधवार को सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने सरकार को सुनवाई में अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

स्वाति एस. भदौरिया ने संभाला पौड़ी जिलाधिकारी का पद

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने रविवार को पौड़ी जिले की नवनियुक्त जिलाधिकारी के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कोषागार स्थित डबल लॉक में पहुंचकर संबंधित पंजिकाओं का अवलोकन किया और औपचारिक रूप से पदभार संभाला। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

2012 बैच की आईएएस अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया का प्रशासनिक अनुभव बेहद समृद्ध रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छत्तीसगढ़ कैडर से की थी और वर्ष 2015 में वह उत्तराखंड कैडर में स्थानांतरित हुईं। उत्तराखंड में उन्होंने मसूरी और देहरादून में उपजिलाधिकारी के रूप में कार्य किया, जबकि वर्ष 2018 से 2021 तक वह चमोली जिले की जिलाधिकारी रही हैं। चमोली में तैनाती के दौरान उन्होंने 2021 में ग्लेशियर आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों का सफल नेतृत्व किया, जिसकी सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गयी। स्वच्छ गंगा मिशन के तहत ‘नमामि गंगे’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उन्हें वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इससे पूर्व वह अपर सचिव राज्यपाल, सचिव तकनीकी शिक्षा, निदेशक भाषा संस्थान, सचिव हिन्दी अकादमी, परियोजना निदेशक उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड, सिंचाई विभाग एवं मिशन निदेशक एनएचएम जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही थी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य कोषाधिकारी गिरीश चंद, सहायक कोषाधिकारी अवधेश चंद, तहसीलदार दीवान सिंह राणा सहित अन्य उपस्थित थे।

“विचार-एक नई सोच” संस्था योग के साथ मानसिक स्वास्थ्य को दे रही है नई दिशा

0

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून में भव्य योग व मेंटल वेलनेस शिविर का आयोजन

फ्यूजन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में किया गया कार्यक्रम का आयोजन
रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

देहरादून(पहाड़ खबरसार)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई “फिट इंडिया” और “थोड़ा तेल-चीनी कम” जैसी जन-जागरूकता मुहिमों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है सामाजिक संस्था “विचार -एक नई सोच”। यह संस्था विगत कई वर्षों से योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कार्यरत है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संस्था द्वारा एक वृहद योग एवं मेंटल वेलनेस शिविर का आयोजन मोथरोवाला केदारपुरम् स्थित फ्यूजन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट शैक्षणिक संस्थान में किया गया। शिविर में सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लेकर योग और मानसिक संतुलन के विभिन्न आयामों से जुड़ाव महसूस किया।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के संरक्षक अरुण शर्मा, अध्यक्ष अरुण चमोली और सचिव राकेश बिजल्वाण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर की। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प की सराहना की, जिसमें योग को विश्व पटल पर भारत की प्राचीन परंपरा के रूप में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को लचीला बनाना नहीं, बल्कि मन, आत्मा और ऊर्जा केंद्रों को जागृत करने की साधना है।

योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य शिविर में प्रमुख आकर्षण रहे संस्था से जुड़े मेंटल वेलनेस कोच एवं ग्रैंड मास्टर गणेश काला, जिन्होंने प्रतिभागियों को “भावनात्मक मुक्ति तकनीक”/ “टैपिंग थैरेपी” और मास एनर्जी हीलिंग की सरल लेकिन प्रभावशाली क्रियाओं का अभ्यास करवाया। गणेश काला ने वैज्ञानिक शोधों का हवाला देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी अब यह स्वीकार कर चुका है कि लगभग 90 प्रतिशत बीमारियाँ साइकोसोमैटिक होती हैं, यानी उनका मूल कारण हमारे मन और विचार होते हैं। जब हम नकारात्मक विचारों, बीते अनुभवों, दबे हुए भावों या अवांछनीय विश्वासों को अपने भीतर लगातार संजोए रखते हैं, तो वे हमारी ऊर्जा प्रणाली को बाधित करते हैं और धीरे-धीरे हमारे शरीर की कोशिकाओं पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।

गणेश काला ने स्पष्ट किया कि जब तक हम अपने अंतर्मन की सफाई, यानी अपने भीतर छिपे भावनात्मक ज़हर और मानसिक जाल को नहीं हटाते, तब तक कोई भी शारीरिक चिकित्सा या उपचार स्थायी रूप से सफल नहीं हो सकता। यही कारण है कि अब चिकित्सा जगत में भी मेंटल हीलिंग और ऊर्जा संतुलन (एनर्जी बैलेंसिंग) की तकनीकों की भूमिका को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि “भावनात्मक मुक्ति तकनीक”/ “टैपिंग थैरेपी” और मास एनर्जी हीलिंग जैसी विधियाँ हमारे शरीर के क्वांटम लेवल यानी सूक्ष्म ऊर्जा स्तर पर कार्य करती हैं। इन तकनीकों के माध्यम से हम अपने ऊर्जा केंद्रों (चक्रों) को सक्रिय और संतुलित कर सकते हैं, जिससे न केवल मानसिक राहत मिलती है, बल्कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली, एकाग्रता, और आंतरिक ऊर्जा में भी अद्भुत सुधार होता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे योग के साथ-साथ मेंटल हीलिंग प्रैक्टिसेस को भी अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि वे सचमुच एक संपूर्ण और संतुलित जीवन जी सकें तन, मन और आत्मा के स्तर पर।

कार्यक्रम में योगाचार्य तनुजा रावत ने विभिन्न शारीरिक योग क्रियाओं का अभ्यास कराया और प्रतिभागियों को योग को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि योग केवल आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है, जो व्यक्ति को समग्र रूप से स्वस्थ बनाती है शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्तर पर।

संस्था के अध्यक्ष अरुण चमोली ने कहा हमारा उद्देश्य केवल योग सिखाना नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों को मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है। विचार एक नई सोच का यह प्रयास है कि हम शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलन में लाएं, ताकि समाज संपूर्ण रूप से स्वस्थ हो। इस अवसर पर रमन जायसवाल, अवधेश नौटियाल, कुलदीप सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिविर का समापन सामूहिक ध्यान व ऊर्जा संप्रेषण के साथ किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने गहन मानसिक शांति व ऊर्जावान अनुभूति का अनुभव किया।
Fihm Dehradun

पाबौ के पटालखानी में स्कूटी जेसीबी से टकराई,युवक घायल

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार) चौकी पाबौ क्षेत्र अंतर्गत पटालखानी के पास एक हादसा हो गया। बताया गया कि एक स्कूटी (UK 07BV 1650) पाबौ की तरफ जा रही थी, तभी वह सड़क किनारे कार्य कर रही जेसीबी के बकेट से टकरा गई। स्कूटी पर सवार मनोज (28 वर्ष), पुत्र धीरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम माससु, पट्टी मवालसयु, जनपद पौड़ी गढ़वाल, को सिर में गंभीर चोट आई है। हादसे के समय स्कूटी पर उसकी पत्नी दीपिका भी पीछे बैठी थी, जिसे मामूली चोटें आई हैं।

घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ लाया गया, जहां मनोज को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। दीपिका की हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे की सूचना पर मौके पर घायल के परिजन भी पहुंच गए थे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

error: Content is protected !!