बड़ी खबर,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा,पूरी खबर कमेंट बॉक्स में
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से हटने की घोषणा की है।
ईडी की कार्रवाई में रावत के पूर्व ओएसडी और वर्तमान सहयोगी चंदन सिंह जीना के ठिकाने से नकदी, सोना और अन्य कीमती सामान बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक जीना के परिसर से 32 लाख रुपये नकद, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद होने की बात कही गई है।
इस कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी कर पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रावत ने कहा कि टीवी पर खबर आ रही है कि देहरादून में उनके पीए के पास भारी मात्रा में कैश और ज्वैलरी आदि पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि इस तथ्य का पूरा खुलासा आने वाले समय में होगा।
रावत ने कहा कि चंदन सिंह जीना उनके ओएसडी रहे हैं और वह जब भी पार्टी या सरकार में किसी महत्वपूर्ण पद पर रहे, जीना महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। उन्होंने जीना को बेहद सज्जन, विनम्र और काम करने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की गई है और इस तरह की किसी गलती में जीना की भूमिका के प्रमाण हैं तो उनके इस तथाकथित दुस्साहसिक कृत्य के लिए वह लज्जित हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस आरोप पर फिलहाल बिल्कुल विश्वास नहीं है।







