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मुख्यमंत्री एकल स्वरोजगार योजना: पंख लगने से पहले ही थम गई रफ्तार, कई महिलाएं रह गईं लाभ से वंचित

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ ख़बरसार)महिला सशक्तिकरण व बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री एकल स्वरोजगार योजना का उद्देश्य जिले की विधवा, तलाकशुदा, दिव्यांग एवं किन्नर जैसी एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था। योजना के तहत वार्षिक आय ₹72,000 से कम होने पर पात्र महिलाओं को स्वरोजगार हेतु ₹2 लाख तक का अनुदान देने का प्रावधान किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत सब्सिडी सरकार द्वारा दी जानी थी। इसके तहत कृषि, ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई सहित कई प्रशिक्षणपरक गतिविधियों से जोड़ने की योजना थी।

हालांकि विभाग से योजना की निचले अस्तर तक न पहुचने और प्रचार-प्रसार की कमी के चलते कई महिलाएं इससे वंचित रह गईं।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं जेष्ठ प्रमुख दीपक असवाल के अनुसार उनके क्षेत्र की कई महिलाएं, जिन पर बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी है, योजना के बारे में अनभिज्ञ रह गईं। उन्होंने विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता तो ऐसी महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती थीं।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख पाबौ डॉ. रजनी रावत ने भी विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उनके संपर्क की लगभग एक दर्जन महिलाएं आवेदन करने से चूक गईं। उन्होंने मांग की कि विभाग को बेहतर ढंग से प्रचार-प्रसार करना चाहिए था ताकि क्षेत्र की अंतिम महिला तक इसका लाभ पहुंच सके।

जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 20 अगस्त थी और विभाग को 111 आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि यदि कुछ महिलाएं वंचित रह गई हैं तो शासन स्तर पर आवेदन की तिथि बढ़ाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।

इस प्रकार, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना प्रचार-प्रसार की कमी के कारण धरातल पर कमजोर होती दिख रही है।

रचना बुटोला ने दिखाई सख़्त कार्यशैली, युवा सदस्यों ने भी रखी दमदार बात

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)जिला पंचायत गढ़वाल पौड़ी की पहली बैठक में अध्यक्ष रचना बुटोला ने स्पष्ट कर दिया कि आगामी पांच वर्षों तक सदन पूरी तरह नियमों और एक्ट के अनुसार ही संचालित होगा। पूर्व में डिप्टी सदर रहीं रचना ने सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित रखने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत की। पहली ही बैठक में उन्होंने सदन पर हावी होने की कोशिशों को समझदारी से किनारे कर दिया।

बैठक के दौरान युवा व नए सदस्यों ने भी अपने परिचय भाषण में जोरदार तरीके से अपनी बातें रखीं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें कमतर आंकने की भूल न की जाए। साथ ही, सुदूर क्षेत्रों की पीड़ा और विकास संबंधी मुद्दों को भी मजबूती से उठाया गया।

पहली बैठक में अध्यक्ष की सख्त कार्यशैली और युवा सदस्यों की मुखरता ने उम्मीद जगाई है कि आने वाले दिनों में पंचायत की कार्यवाही और भी सार्थक व जनहितकारी होगी।

विकास कार्यों व आपदा राहत को लेकर ब्लॉक प्रमुख लता रावत ने कैबिनेट मंत्री से की मुलाकात

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ ख़बरसार)पाबौ ब्लॉक प्रमुख लता रावत ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से उनके शासकीय आवास पर भेंट कर विकासखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से हाल ही में आई आपदा की परिस्थितियों, राहत एवं बचाव कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रभावित परिवारों की समस्याओं की जानकारी कैबिनेट मंत्री को उपलब्ध कराई।

लता रावत ने बताया कि आपदा प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद ब्लॉक प्रशासन, जिला प्रशासन एवं प्रदेश सरकार द्वारा लगातार की जा रही है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उन्हें आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा राहत के लिए अन्य मदों से भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहयोग मिल सके।

चर्चा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सड़क संपर्क मार्गों के निर्माण, शिक्षा व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी विचार हुआ। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सकारात्मक रुख अपनाया है और जल्द ही इसके परिणाम धरातल पर दिखाई देंगे।

लता रावत ने विश्वास जताया कि कैबिनेट मंत्री के सहयोग से न केवल आपदा प्रभावितों को शीघ्र राहत मिलेगी बल्कि पाबौ ब्लॉक में विकास की गति भी तेज होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और रोजगार के क्षेत्र में ठोस सुधार देखने को मिलेंगे।

श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष बने राजीव खत्री, अमित कंडियाल को महामंत्री की जिम्मेदारी

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

ऋषिकेश(पहाड़ ख़बरसार)श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की नई कार्यकारिणी का गठित हुई है। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शास्त्री की अध्यक्षता में नई कार्यकारिणी बनने की घोषणा की गई। वही प्रदेश महामंत्री विश्वजीत सिंह नेगी ने कार्यक्रम को विस्तार देते हुए यूनियन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी वरिष्ठ पत्रकार राजीव खत्री व महामंत्री पद पर अमित सिंह कंडियाल नामित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र चमोली व राजेश शर्मा को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नामित किया गया है। ऋषिकेश नगर कार्यकारणी में युवा पत्रकार अरविंदर सिंह को कोषाध्यक्ष का दायित्व दिया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा।
नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव खत्री ने बताया कि संगठन के उद्देश्यों को लेकर पत्रकारों के हितों के लिए सदैव तत्पर रहेंगे और पत्रकारों के हितों के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार राजीव खत्री पूर्व मे गढ़वाल प्रेस क्लब पौड़ी के अध्यक्ष, उत्तराखंड पत्रकार यूनियन उत्तरकाशी के जिलाध्यक्ष, ऋषिकेश प्रेस क्लब के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं.

पौड़ी जनपद के क़ल्जीखाल ब्लॉक के मनियारस्यूं क्षेत्र अंतर्गत दिऊसा पट्टी के कुस्यांण गांव में एक बार फिर मिला अज्ञात जानवर का आतंक

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी (पहाड़ ख़बरसार) पौड़ी जनपद के मनियारस्यूं क्षेत्र अंतर्गत दिऊसा पट्टी के कुस्यांण गांव में एक बार फिर अज्ञात जानवर का आतंक देखने को मिला। गांव के किसान राकेश चंद्र पुत्र वीरेंद्र लाल की गौशाला तोड़कर जानवर ने उनकी जरसी गाय पर हमला कर दिया और उसका कुबड़ फाड़कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना से क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी मनियारस्यूं क्षेत्र के धारी और ओलना गांव में अज्ञात जानवर द्वारा कई मवेशियों को नुकसान पहुंचाया गया था। कुस्यांण गांव के पूर्व प्रधान रमेश चंद्र शाह ने बताया कि कई दिनों से अज्ञात जानवर की धमक दिखाई दे रही थी, लेकिन अब फिर से मवेशियों को नुकसान पहुंचाया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग अद्वानी रेंज के अधिकारी हिमांशु नेगी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने संभावना जताई कि हमला भालू द्वारा किया गया है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त और जानवर की तलाश की जा रही है।

उधर, पशुपालन विभाग के डॉ. राजेंद्र कपटियाल ने घायल गाय का उपचार शुरू किया है। हालांकि गाय की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उसकी जान को खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे और सरकार की योजनाओं का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि जब जानमाल की सुरक्षा नहीं हो रही, तो शासन की योजनाओं का कोई औचित्य नहीं बचता।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रहेगी ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके

उत्तराखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी, इन जिलों में येलो अलर्ट जारी,पढ़िए पूरी खबर

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  • रिपोर्ट/मुकेश बछेती
    देहरादून(पहाड़ ख़बरसार) उत्तराखंड में अभी लोगों को बारिश से निजात मिलने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में आज यानी 30 अगस्त से आगामी 2 सितंबर तक भारी बारिश की बड़ी चेतावनी दी है। इन जनपदों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
  • मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में 30, 31 अगस्त और 1, 2 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ो से लेकर मैदानी इलाको तक बारिश देखने को मिलेगी। देहरादून, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन जनपदों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही बाढ़ के खतरे का पूर्वानुमान भी जारी किया है।
  • राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को एक पत्र भेजा है। जिसमें खराब मौसम के मद्देनजर सभी को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में जलभराव और बाढ़ के खतरे का पूर्वानुमान का जिक्र करते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने को भी कहा गया है।

पहाड़ का सच्चा सपूत: 15 वर्षों तक विषम परिस्थितियों में सेवाएं देने के बाद चुपचाप जनपद से विदा हुए डॉ. रमेश कुँवर

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)जनपद पौड़ी की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में जहां डॉक्टरों की कमी हमेशा महसूस की जाती है, वहीं ऐसे चुनिंदा डॉक्टर भी रहे हैं जिन्होंने अपने कर्म और समर्पण से लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। उन्हीं में से एक नाम है डॉ. रमेश कुँवर, जिन्होंने लगभग 15 वर्षों तक जनपद पौड़ी के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर लोगों का विश्वास जीता।

*2007 में थलीसैंण ब्लॉक से शुरू हुई सेवा*

29 नवंबर 2007 को जब डॉ. रमेश कुँवर ने थलीसैंण ब्लॉक से अपनी सेवाओं की शुरुआत की, तभी उन्होंने यह ठान लिया था कि पहाड़ की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। पीजी करने के बाद भी उन्होंने मैदानी चकाचौंध को ठुकराते हुए एक बार फिर पहाड़ का रुख किया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पाबौ के पद पर कार्यभार संभाला।

*फार्माकोलॉजी और शिशु रोग विशेषज्ञ*

फार्माकोलॉजी में स्पेशलाइजेशन करने वाले डॉ. कुँवर को शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता था। उनके द्वारा दी गई दवाओं से बच्चे जल्द स्वस्थ हो जाते थे। यह उनकी विशेषज्ञता और संवेदनशीलता का ही परिणाम था कि लोग उन पर आँख मूँदकर भरोसा करते थे।

*कोविड-19 काल में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका*

कोविड-19 की भयावह परिस्थितियों में भी डॉ. कुँवर ने नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों में उन्होंने न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों को निभाया बल्कि कई लोगों को जीवनदान दिया।

*पहाड़ से अटूट जुड़ाव*

डॉ. कुँवर का पहाड़ प्रेम उनके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा परिचायक रहा। कई डॉक्टर जहां पहाड़ों की कठिनाइयों से बचकर मैदानों की ओर चले गए, वहीं उन्होंने कभी भी मैदानों में जाने की जिद नहीं पाली। दिन हो या रात, आपातकालीन परिस्थितियों में भी वे मरीजों के लिए सदैव उपलब्ध रहे।

*2018 में बने अपर चिकित्सा अधिकारी*

अपने कुशल कार्य और समर्पण को देखते हुए वर्ष 2018 में उन्हें अपर चिकित्सा अधिकारी के पद से नवाजा गया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई।

*परिवार भी बना पहाड़ की ताकत*

डॉ. कुँवर की धर्मपत्नी भी पौड़ी में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी पुत्री पौड़ी के ही विद्यालय में पढ़ रही है। यह परिवार पलायन की प्रवृत्ति को चुनौती देता हुआ पहाड़ की उम्मीदों को मजबूत करता रहा।

*चुपचाप छोड़ गए जनपद*

लगभग 18 साल की सेवाओं के बाद जब डॉ. कुँवर ने जनपद पौड़ी को अलविदा कहा और हरिद्वार के लिए प्रस्थान किया, तो किसी को खबर तक नहीं लगी। लेकिन उनकी विदाई के समय कई कर्मचारी और ग्रामीण भावुक हो उठे।

*पहाड़ को आज भी है जरूरत*

आज जब पलायन और डॉक्टरों की कमी जैसी चुनौतियां पहाड़ को घेरे हुए हैं, तो ऐसे में डॉ. रमेश कुँवर जैसे सच्चे सेवाभावी डॉक्टरों की और भी ज्यादा आवश्यकता है।

जनपद पौड़ी और पूरे गढ़वाल की जनता उनकी अमूल्य सेवाओं को सदैव याद रखेगी।
हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि एक दिन वे फिर से पहाड़ की सेवा में लौटेंगे।

विधुत विभाग की लापरवाही से बालिका घायल,ग्रामीणों में आक्रोश

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ ख़बरसार)जनपद के राजस्व ग्राम फलद्वाड़ी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां 12 वर्षीय बालिका दिव्या, पुत्री धर्मेंद्र सिंह, मवेशियों को चुगाने के दौरान करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि बालिका पास ही स्थित चीड़ के पेड़ से सूखी लकड़ी निकाल रही थी। इसी दौरान पेड़ से होकर गुजर रही नंगी बिजली की तार उसके संपर्क में आ गई और अचानक उसे तेज करंट लग गया। परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल बालिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

ग्राम प्रधान फलद्वाड़ी शशि देवी ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय फलद्वाड़ी के समीप लगे मोबाइल टावर के पास लंबे समय से बिजली की तारें नंगी अवस्था में लटकी हुई हैं। कई बार विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सौभाग्य से घटना के समय क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्राम प्रधान ने विभाग से तत्काल तारों को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इधर, विद्युत विभाग के उप मंडल अधिकारी गोविंद रावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय कर्मचारियों को तारों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए विभाग सतर्कता बरतेगा।

इस घटना के बाद से ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि अगर समय रहते तारों को सही नहीं किया गया तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

6 अगस्त की आपदा से पाबौ ब्लॉक में सबसे अधिक तबाही,90 करोड़ से अधिक का नुकसान

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ//
6 अगस्त को हुई भारी बारिश से जनपद पौड़ी का पाबौ ब्लॉक सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। अकेले इस ब्लॉक में 1000 से अधिक योजनाएं आपदा की भेंट चढ़ गईं, जिनमें पेयजल, बिजली, आवास और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, नुकसान लगभग 90 करोड़ रुपये से अधिक का है, जो आगे और बढ़ सकता है।

आपदा से पाबौ ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि तीन दर्जन से अधिक आवासीय भवनों में दरारें आने से उनका रहना असुरक्षित हो गया है। साथ ही कई गौशालाएं भी जमींदोज हो गईं। ब्लॉक की 39 पेयजल योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं, जिनके लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से आपूर्ति की जा रही है।

खेती-बाड़ी भी इस आपदा से अछूती नहीं रही। करीब 72 हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई, एक अमृत सरोवर पूरी तरह नष्ट हो गया और 1500 से अधिक फलदार पौधे बर्बाद हो गए।

पशुधन और जनहानि भी गंभीर रही—इस आपदा में दो महिलाओं की मौत हुई, जबकि दो दर्जन से अधिक मवेशी मारे गए। इतना ही नहीं, करीब एक दर्जन स्कूल भी खतरे की जद में आ गए हैं।

खंड विकास अधिकारी पाबौ धूमसिंह ने बताया कि आपदा में सबसे अधिक नुकसान सेंजी व बुरांशी गांव में हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक 100 से अधिक प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि मृत मवेशियों का मुआवजा भी जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकांश टूटी हुई योजनाओं और संपर्क मार्गों को मनरेगा योजना के तहत दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में दो ग्रामीण सड़कों को छोड़कर सभी गांवों से संपर्क व्यवस्था बहाल कर दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं। प्रभावित परिवारों को मुआवजे के साथ-साथ राशन किट भी लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि उनके जीवन को सामान्य दिशा में लाया जा सके।

जिला पंचायत सदस्य भरत रावत ने कहा कि 6 अगस्त को आई आपदा से सबसे अधिक नुकसान पाबौ ब्लॉक में हुआ है। उन्होंने बताया कि वे लगातार प्रशासन से आपदा पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने का आग्रह कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों की पीड़ा कुछ हद तक कम हो सके और वे जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

ब्लॉक प्रमुख पाबौ लता रावत ने कहा कि उन्होंने लगभग सभी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक प्रशासन और जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों का जीवन पुनः स्थापित नहीं हो जाता, तब तक उनके लिए निरंतर कार्य किया जाएगा और किसी भी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी में रोड सेफ्टी कार्नर का शुभारंभ

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज पौड़ी में आज सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मंगल सिंह द्वारा “रोड सेफ्टी कार्नर” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े बुनियादी नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन न केवल व्यक्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह समाज की सामूहिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने सड़क सुरक्षा पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। बच्चों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखने को मिला।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि इस रोड सेफ्टी कार्नर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में यातायात नियमों से जोड़ना है, ताकि वे बचपन से ही सड़क सुरक्षा की आदतें अपनाएं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा पौड़ी जनपद के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह के कार्नर स्थापित किए जा रहे हैं। इससे न केवल छात्रों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि वे अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित यातायात की दिशा में प्रेरित करेंगे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि बच्चे अभी से यातायात नियमों का पालन करना सीखेंगे तो आने वाले समय में दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और सभी ने सड़क सुरक्षा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

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