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आपदा के बीच स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से नवजात की जान बची

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)विकासखंड पाबौ के आपदा प्रभावित क्षेत्र सेंजी-बुराशी से सटे पटोटी गांव में बीते दिन एक हाई रिस्क डिलीवरी का मामला सामने आया। क्षेत्र में आपदा के कारण कई मार्ग बाधित होने से परिवहन पूरी तरह ठप था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ के प्रभारी डॉक्टर पंकज सिंह ने तुरंत महिला के परिजनों से संपर्क कर उन्हें डिलीवरी से पूर्व अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। हालांकि परिजनों ने दूरी और मार्ग बाधित होने का हवाला देते हुए तत्काल भर्ती से इंकार कर दिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की। टीम के प्रयासों से महिला को पटोटी से पैदल मार्ग के माध्यम से मुख्य सड़क तक लाया गया। वहां से 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ पहुँचाया गया। जांच के बाद, हाई रिस्क डिलीवरी को देखते हुए महिला को तत्काल बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया।

स्वास्थ्य कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और समन्वय का ही परिणाम था कि देर रात महिला ने बेस अस्पताल में एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इस पूरे अभियान में सबसे बड़ी चुनौती पैदल मार्ग से महिला को सुरक्षित मुख्य मार्ग तक लाना था, क्योंकि आपदा के कारण पाबौ ब्लॉक में कई जगह सड़कें टूट चुकी थीं और भारी बारिश से हालात विकट बने हुए थे।

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस तत्परता की सराहना की और कहा कि यदि समय पर यह प्रयास न होता, तो किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता था। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि आपदा की विषम परिस्थितियों में भी संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और टीमवर्क से जीवन बचाया जा सकता है।

विभाग नहीं पहुँचा तो ग्रामीणों ने श्रमदान से खोला पैदल मार्ग

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)बीते बुधवार को आई आपदा का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जगह-जगह मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों की आवागमन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। विशेषकर कुई–बरसुड़ी मार्ग पूरी तरह से बह जाने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मार्ग के टूट जाने से न तो पैदल आवाजाही संभव थी और न ही किसी प्रकार का वाहन आवागमन।

सरकारी विभागों की ओर से तत्काल मदद न पहुँच पाने की स्थिति में ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर श्रमदान की मिसाल पेश की। आपसी सहयोग और मेहनत के बल पर ग्रामीणों ने मार्ग को पैदल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुचारू कर दिया, जिससे पाँच गाँवों की आवाजाही पुनः शुरू हो सकी। इस सामूहिक प्रयास में प्रेम सिंह रावत, नीरज सिंह, साहिल भंडारी, दिगम्बर सिंह, विनपीं भंडारी और गोपाल दीपक भंडारी सहित अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय सरकारी इंतज़ार करने से बेहतर है कि हम खुद एकजुट होकर समस्या का समाधान करें। इस श्रमदान से न केवल मार्ग खुला, बल्कि गाँवों के बीच आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र स्थायी रूप से सड़क की मरम्मत कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराएगा, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

आपदा में स्वास्थ्य महकमे की फरिश्ते जैसी सेवा

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पाबौ(पहाड़ खबरसार)जनपद पौड़ी के पाबौ ब्लॉक के बुरांशी, सेंजी, कलगड़ी, मानकोली, फलद्वाड़ी सहित कई गांव हाल ही में आई आपदा की जद में आए हैं, जहां सबसे अधिक जन-धन की हानि दर्ज की गई है। इस आपदा में जनपद के तीन लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिनमें बुरांशी गांव की दो सगी बहनें भी शामिल थीं। इन विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग ने बिना किसी स्वार्थ और भय के, मानवीय संवेदनाओं के साथ, आपदाग्रस्त क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर एक मिसाल कायम की है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ के प्रभारी डॉक्टर पंकज के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बुरांशी और सेंजी गांव में टीम ने न केवल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया, बल्कि अब तक लगभग 70 लोगों का इलाज उनके गांव में ही जाकर किया गया। मार्ग बाधित होने के कारण कई बार दवाओं का आदान-प्रदान भी स्वास्थ्य कर्मियों को पैदल ही करना पड़ा।

बुरांशी में दो सगी बहनों की मृत्यु के मामले में, भूगोल और मौसम की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए शवों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं था। ऐसे में डॉक्टर मानवेंद्र तिवारी और रोहित रावत ने गांव में ही पोस्टमार्टम कर परिजनों को राहत दी। यह कदम स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

इस दौरान आशा कार्यकर्ता, रविंद्र रावत, आशा रावत, कुसुम, नेहा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मजबूती से अपनी सेवाएं दीं। तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ में डॉक्टरों की टीम के साथ डॉ संजय उनियाल, आशीष रावत,अरुण पोखरियाल, शरद थपलियाल 24 घंटे अलर्ट मोड पर है जो किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इन सभी ने अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा की परवाह किए बिना, आपदा से जूझ रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखी।

इस कठिन समय में स्वास्थ्य महकमे की भूमिका न केवल चिकित्सा सेवा देने की रही, बल्कि ग्रामीणों में भरोसा जगाने और आपदा से उबरने की शक्ति देने की भी रही। इन स्वास्थ्य कर्मियों का यह समर्पण दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मानवीय सेवा और कर्तव्यनिष्ठा सबसे बड़ा साहस है।

नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य भरत रावत ने पेश की मिसाल,चुनाव के ठीक बाद जारी किया सेवा संपर्क नंबर

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पाबौ//त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकांश जनप्रतिनिधि विश्राम के मूड में नजर आ रहे हैं। कुछ क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य तो अब ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की रणनीति में जुट चुके हैं। कई तो अज्ञातवास में चले गए हैं और जनता के फोन तक उठाना बंद कर दिया है। लेकिन इन सबके बीच पाबौ विकासखंड के कलूण क्षेत्र से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य भरत रावत ने एक सराहनीय पहल करते हुए मिसाल कायम की है।

भरत रावत ने चुनाव जीतने के बाद अपना सेवा संपर्क नंबर – 9758808507 जारी कर जनता के साथ सीधा संवाद कायम किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कभी भी अपने नंबर का प्रचार नहीं किया, लेकिन अब जब जनता ने उन्हें प्रतिनिधित्व का अवसर दिया है, तो यह उनका कर्तव्य है कि वह जनसेवक की तरह कार्य करें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधि बनना जिम्मेदारी का काम है, न कि चुनाव जीतकर अज्ञातवास में चले जाने का अवसर। भरत रावत की यह पहल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच खूब सराही जा रही है। उनकी इस पारदर्शिता और जनता से सीधे जुड़ाव को कई लोग उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं।

जनता को भरोसा है कि भरत रावत जैसे युवा और जागरूक जनप्रतिनिधि विकास की नई इबारत लिखेंगे। उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों को भी संदेश दिया है कि जनता ने उन्हें सम्मान और सेवा का अवसर दिया है, इसलिए जनता के बीच रहकर काम करना ही असली जनसेवा है।

त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव: मतगणना 31 जुलाई को,पाबौ में दांव पर बड़ी सियासी साख

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ//त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के दूसरे चरण का मतदान सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। अब सभी की नजरें 31 जुलाई को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। पाबौ ब्लॉक में पहले चरण के तहत 14 ग्राम प्रधान, 265 वार्ड मेंबर और दो क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हो चुका है। अब शेष बचे 58 ग्राम प्रधानों, तीन जिला पंचायत सदस्यों, 25 क्षेत्र पंचायत सदस्यों और छह वार्ड सदस्यों के भाग्य का फैसला मतगणना के बाद सामने आएगा।

निर्वाचन विभाग ने मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली हैं। रिटर्निंग ऑफिसर पाबौ अमित चौहान ने बताया कि मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतगणना स्थलों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि पाबौ ब्लॉक में कुल 18,668 मतदाताओं में से 10,106 महिला मतदाताओं और 8,562 पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी अधिक रही।

मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं और छह राउंड में मतगणना प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी सीटों के विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।

इस चुनाव में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दोनों नेताओं के करीबी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और इनकी जीत-हार से दोनों नेताओं की क्षेत्रीय पकड़ का भी अंदाजा लगेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह पंचायत चुनाव आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करेगा और संभावित समीकरणों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में इन चुनावों का परिणाम न सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि राज्य की राजनीति में भी गूंज पैदा कर सकता है।

पंचायत चुनाव/ हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव के सम्बंध में क्या कहा??

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नैनीताल ब्रेकिंग

★ उत्तराखंड पंचायत चुनावों के मामले में हाईकोर्ट से बड़ी खबर

★ राज्य निर्वाचन आयोग को HC से नहीं मिली राहत

★हाईकोर्ट ने फिर कहा पंचायतीराज एक्ट के मुताबिक चुनाव कराए आयोग

★11 जुलाई के आदेश के खिलाफ चुनाव आयोग ने HC में फाइल की थी रिव्यू पिटिशन

★ HC ने दो जगह वोटर होने वाले लोगों के नामांकन को नहीं माना था सही

★HC के आदेश से एक बार फिर मची खलबली

★ HC ने नहीं लगाई है चुनाव पर कोई रोक

★ HC ने साफ किया कोई भी पीड़ित शिकायत होने पर चुनाव के बाद दाखिल कर सकता है इलेक्शन पिटिशन

निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख रजनी रावत ने क्षेत्र पंचायत सीट से नामांकन लिया वापस, बताई भावनात्मक वजह

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख डॉ. रजनी रावत ने मिलाई क्षेत्र पंचायत सीट से अपना नामांकन अंतिम दिन वापस ले लिया है। इस बार ब्लॉक प्रमुख पद की सीट महिला सामान्य घोषित की गई थी, जिससे माना जा रहा था कि डॉ. रजनी रावत दोबारा दावेदारी पेश करेंगी। लेकिन नामांकन वापसी के फैसले ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।

बताया जा रहा है कि मिलाई सीट पर एक ही परिवार के दो सदस्य आमने-सामने आ गए थे, जिससे अंदरूनी मतभेद की स्थिति बन रही थी। इसे लेकर विपक्ष द्वारा उनके परिवार पर राजनीतिक दबाव बनाने और उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही थी। इसी पृष्ठभूमि में डॉ. रजनी रावत ने नामांकन वापस लेकर स्थिति को शांत करने का निर्णय लिया।

नामांकन वापसी के बाद डॉ. रावत ने कहा, “मैंने चुनाव मैदान से सिर्फ इसलिए हटने का फैसला किया, क्योंकि मेरे परिवार को राजनीतिक साजिशों के जरिए निशाना बनाया जा रहा था। मैं नहीं चाहती कि परिवार में किसी तरह का मतभेद उत्पन्न हो।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह राजनीति से दूर नहीं हो रही हैं। “मैं भविष्य में भी सक्रिय राजनीति में बनी रहूंगी और समाज सेवा जारी रखूंगी,”

इस फैसले से मिलाई सीट का मुकाबला अब नए समीकरणों की ओर बढ़ गया है।

पाबौ की कलूण सीट पर पंचायती चुनाव में भाजपा-निर्दलीय में कांटे की टक्कर

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)विकासखंड पाबो की कलूण सीट पर पंचायती चुनाव में मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी भरत रावत ने प्रचार तेज कर दिया है, वहीं चार निर्दलीय प्रत्याशी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों में ओमप्रकाश, रमेश, रोशन और अर्जुन सिंह मैदान में हैं और सभी क्षेत्र में सामाजिक कार्यों के माध्यम से सक्रिय पहचान रखते हैं।

कलूण सीट पहले से ही हॉट सीट मानी जाती रही है। पूर्व में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी इस सीट से विजयी होकर सदन पहुंच चुके हैं, ऐसे में इस बार भाजपा के लिए यहां से सीट निकालना आसान नहीं होगा। भाजपा समर्थित भरत रावत सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ भाजपा की गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहते हैं, उन्होंने क्षेत्र में युवाओं और विकास कार्यों के माध्यम से अपनी पकड़ बनाई है।

दूसरी ओर, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शामिल समाजसेवी रमेश रावत, ओमप्रकाश, रोशन और अर्जुन भी क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क और सामाजिक गतिविधियों में आगे रहते हैं, जिससे वोटों का सीधा विभाजन हो सकता है। स्थानीय जनता की समस्याओं पर इन प्रत्याशियों की सक्रियता के कारण चुनाव में मुकाबला कांटे का माना जा रहा है।

इस बार पंचायती चुनाव में कलूण सीट पर निर्णायक संघर्ष की संभावना है, जहां भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में है तो निर्दलीय प्रत्याशी जनता के मुद्दों और सामाजिक कार्यों के दम पर उन्हें चुनौती दे रहे है।

विकासखंड पौड़ी में बेडू से बने जैम-चटनी को मिलेगा GI टैग

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी (पहाड़ ख़बरसार)उत्तराखंड के पर्वतीय फल बेडू (पहाड़ी अंजीर) से महिलाओं की आर्थिकी को संबल देने वाली पहल को नई पहचान मिलने जा रही है। जिला पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड पौड़ी में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बेडू फल से जैम और चटनी बना रही हैं, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है। अब इस उत्पाद को GI टैग मिलने जा रहा है, जिससे इन उत्पादों को विशेष पहचान मिलेगी और बाजार में इनकी मांग और बढ़ेगी।

50 रुपये प्रति किलो की दर से ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बेडू खरीदा जा रहा है। पूर्व में बेडू जंगलों में बर्बाद हो जाता था, लेकिन अब यह महिलाओं के लिए आजीविका का स्रोत बन गया है।

जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (रीप) पौड़ी, कुलदीप सिंह बिष्ट ने बताया कि इस बार 26 क्विंटल बेडू की खरीद की जा रही है, और विभिन्न स्वायत्त सहकारिताओं को भी इसे एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया है। GI टैग मिलने के बाद बेडू के जैम और चटनी को राष्ट्रीय बाजार में भी अलग पहचान मिल सकेगी, जिससे पहाड़ की महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।

बरसात में पशु बीमारियों को लेकर 1962 MVU पाबौ टीम कर रही जागरूकता अभियान

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ (पहाड़ खबरसार) उत्तराखंड सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा संचालित 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) सेवा इन दिनों बरसात के मौसम में पशुओं में फैलने वाली बीमारियों को लेकर क्षेत्र में सक्रिय रूप से जागरूकता अभियान चला रही है।

पाबौ ब्लॉक में तैनात 1962 MVU की टीम, जिसमें डॉ. सुनिधि चौहान, प्रदीप चौहान और इवान भंडारी शामिल हैं, ने हाल ही में गुवाड़खाल और खंडुली गांवों में जाकर पशुपालकों को बरसात में पशु बीमारियों से बचाव की जानकारी दी।

डॉ. सुनिधि चौहान ने बताया कि बरसात में गड्ढों में भरे पानी के सड़ने से जानवरों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर जानवर इस गंदे पानी का सेवन कर बीमार हो जाते हैं। ऐसे में पशुपालकों को सलाह दी गई कि वे अपने जानवरों को स्वच्छ पानी पिलाएं और उनके रहने के स्थान को साफ-सुथरा रखें।

टीम द्वारा बताया गया कि बरसात में खुर-पका, मुंह पका, गला घोंटू, निमोनिया जैसी बीमारियां आम हैं, जिनसे समय पर बचाव जरूरी है। इसके लिए नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार और साफ-सुथरी देखभाल की आवश्यकता है। यदि पशु बीमार हो जाएं, तो तत्काल 1962 नंबर पर कॉल कर निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवा प्राप्त की जा सकती है।

डॉ. चौहान ने यह भी जानकारी दी कि अब तक प्रदेशभर में 1962 मोबाइल वेटनरी यूनिट सेवा के माध्यम से 3 लाख से अधिक पशुओं का घर पर निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। यह सेवा न केवल पशुपालकों के लिए राहत है, बल्कि बेसहारा पशुओं के लिए भी जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है।

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