Home Blog Page 6

पहाड़ का सच्चा सपूत: 15 वर्षों तक विषम परिस्थितियों में सेवाएं देने के बाद चुपचाप जनपद से विदा हुए डॉ. रमेश कुँवर

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)जनपद पौड़ी की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में जहां डॉक्टरों की कमी हमेशा महसूस की जाती है, वहीं ऐसे चुनिंदा डॉक्टर भी रहे हैं जिन्होंने अपने कर्म और समर्पण से लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। उन्हीं में से एक नाम है डॉ. रमेश कुँवर, जिन्होंने लगभग 15 वर्षों तक जनपद पौड़ी के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर लोगों का विश्वास जीता।

*2007 में थलीसैंण ब्लॉक से शुरू हुई सेवा*

29 नवंबर 2007 को जब डॉ. रमेश कुँवर ने थलीसैंण ब्लॉक से अपनी सेवाओं की शुरुआत की, तभी उन्होंने यह ठान लिया था कि पहाड़ की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। पीजी करने के बाद भी उन्होंने मैदानी चकाचौंध को ठुकराते हुए एक बार फिर पहाड़ का रुख किया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पाबौ के पद पर कार्यभार संभाला।

*फार्माकोलॉजी और शिशु रोग विशेषज्ञ*

फार्माकोलॉजी में स्पेशलाइजेशन करने वाले डॉ. कुँवर को शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता था। उनके द्वारा दी गई दवाओं से बच्चे जल्द स्वस्थ हो जाते थे। यह उनकी विशेषज्ञता और संवेदनशीलता का ही परिणाम था कि लोग उन पर आँख मूँदकर भरोसा करते थे।

*कोविड-19 काल में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका*

कोविड-19 की भयावह परिस्थितियों में भी डॉ. कुँवर ने नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों में उन्होंने न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों को निभाया बल्कि कई लोगों को जीवनदान दिया।

*पहाड़ से अटूट जुड़ाव*

डॉ. कुँवर का पहाड़ प्रेम उनके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा परिचायक रहा। कई डॉक्टर जहां पहाड़ों की कठिनाइयों से बचकर मैदानों की ओर चले गए, वहीं उन्होंने कभी भी मैदानों में जाने की जिद नहीं पाली। दिन हो या रात, आपातकालीन परिस्थितियों में भी वे मरीजों के लिए सदैव उपलब्ध रहे।

*2018 में बने अपर चिकित्सा अधिकारी*

अपने कुशल कार्य और समर्पण को देखते हुए वर्ष 2018 में उन्हें अपर चिकित्सा अधिकारी के पद से नवाजा गया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई।

*परिवार भी बना पहाड़ की ताकत*

डॉ. कुँवर की धर्मपत्नी भी पौड़ी में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी पुत्री पौड़ी के ही विद्यालय में पढ़ रही है। यह परिवार पलायन की प्रवृत्ति को चुनौती देता हुआ पहाड़ की उम्मीदों को मजबूत करता रहा।

*चुपचाप छोड़ गए जनपद*

लगभग 18 साल की सेवाओं के बाद जब डॉ. कुँवर ने जनपद पौड़ी को अलविदा कहा और हरिद्वार के लिए प्रस्थान किया, तो किसी को खबर तक नहीं लगी। लेकिन उनकी विदाई के समय कई कर्मचारी और ग्रामीण भावुक हो उठे।

*पहाड़ को आज भी है जरूरत*

आज जब पलायन और डॉक्टरों की कमी जैसी चुनौतियां पहाड़ को घेरे हुए हैं, तो ऐसे में डॉ. रमेश कुँवर जैसे सच्चे सेवाभावी डॉक्टरों की और भी ज्यादा आवश्यकता है।

जनपद पौड़ी और पूरे गढ़वाल की जनता उनकी अमूल्य सेवाओं को सदैव याद रखेगी।
हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि एक दिन वे फिर से पहाड़ की सेवा में लौटेंगे।

विधुत विभाग की लापरवाही से बालिका घायल,ग्रामीणों में आक्रोश

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ ख़बरसार)जनपद के राजस्व ग्राम फलद्वाड़ी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां 12 वर्षीय बालिका दिव्या, पुत्री धर्मेंद्र सिंह, मवेशियों को चुगाने के दौरान करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि बालिका पास ही स्थित चीड़ के पेड़ से सूखी लकड़ी निकाल रही थी। इसी दौरान पेड़ से होकर गुजर रही नंगी बिजली की तार उसके संपर्क में आ गई और अचानक उसे तेज करंट लग गया। परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल बालिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

ग्राम प्रधान फलद्वाड़ी शशि देवी ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय फलद्वाड़ी के समीप लगे मोबाइल टावर के पास लंबे समय से बिजली की तारें नंगी अवस्था में लटकी हुई हैं। कई बार विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सौभाग्य से घटना के समय क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्राम प्रधान ने विभाग से तत्काल तारों को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इधर, विद्युत विभाग के उप मंडल अधिकारी गोविंद रावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय कर्मचारियों को तारों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए विभाग सतर्कता बरतेगा।

इस घटना के बाद से ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि अगर समय रहते तारों को सही नहीं किया गया तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

6 अगस्त की आपदा से पाबौ ब्लॉक में सबसे अधिक तबाही,90 करोड़ से अधिक का नुकसान

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ//
6 अगस्त को हुई भारी बारिश से जनपद पौड़ी का पाबौ ब्लॉक सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। अकेले इस ब्लॉक में 1000 से अधिक योजनाएं आपदा की भेंट चढ़ गईं, जिनमें पेयजल, बिजली, आवास और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, नुकसान लगभग 90 करोड़ रुपये से अधिक का है, जो आगे और बढ़ सकता है।

आपदा से पाबौ ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि तीन दर्जन से अधिक आवासीय भवनों में दरारें आने से उनका रहना असुरक्षित हो गया है। साथ ही कई गौशालाएं भी जमींदोज हो गईं। ब्लॉक की 39 पेयजल योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं, जिनके लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से आपूर्ति की जा रही है।

खेती-बाड़ी भी इस आपदा से अछूती नहीं रही। करीब 72 हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई, एक अमृत सरोवर पूरी तरह नष्ट हो गया और 1500 से अधिक फलदार पौधे बर्बाद हो गए।

पशुधन और जनहानि भी गंभीर रही—इस आपदा में दो महिलाओं की मौत हुई, जबकि दो दर्जन से अधिक मवेशी मारे गए। इतना ही नहीं, करीब एक दर्जन स्कूल भी खतरे की जद में आ गए हैं।

खंड विकास अधिकारी पाबौ धूमसिंह ने बताया कि आपदा में सबसे अधिक नुकसान सेंजी व बुरांशी गांव में हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक 100 से अधिक प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि मृत मवेशियों का मुआवजा भी जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकांश टूटी हुई योजनाओं और संपर्क मार्गों को मनरेगा योजना के तहत दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में दो ग्रामीण सड़कों को छोड़कर सभी गांवों से संपर्क व्यवस्था बहाल कर दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं। प्रभावित परिवारों को मुआवजे के साथ-साथ राशन किट भी लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि उनके जीवन को सामान्य दिशा में लाया जा सके।

जिला पंचायत सदस्य भरत रावत ने कहा कि 6 अगस्त को आई आपदा से सबसे अधिक नुकसान पाबौ ब्लॉक में हुआ है। उन्होंने बताया कि वे लगातार प्रशासन से आपदा पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने का आग्रह कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों की पीड़ा कुछ हद तक कम हो सके और वे जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

ब्लॉक प्रमुख पाबौ लता रावत ने कहा कि उन्होंने लगभग सभी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक प्रशासन और जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों का जीवन पुनः स्थापित नहीं हो जाता, तब तक उनके लिए निरंतर कार्य किया जाएगा और किसी भी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी में रोड सेफ्टी कार्नर का शुभारंभ

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज पौड़ी में आज सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मंगल सिंह द्वारा “रोड सेफ्टी कार्नर” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े बुनियादी नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन न केवल व्यक्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह समाज की सामूहिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने सड़क सुरक्षा पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। बच्चों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखने को मिला।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि इस रोड सेफ्टी कार्नर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में यातायात नियमों से जोड़ना है, ताकि वे बचपन से ही सड़क सुरक्षा की आदतें अपनाएं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा पौड़ी जनपद के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह के कार्नर स्थापित किए जा रहे हैं। इससे न केवल छात्रों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि वे अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित यातायात की दिशा में प्रेरित करेंगे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि बच्चे अभी से यातायात नियमों का पालन करना सीखेंगे तो आने वाले समय में दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और सभी ने सड़क सुरक्षा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

पैठानी थाना क्षेत्र में अध्यापक की गदेरे में गिरने से मौत,क्षेत्र में शोक

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पैठाणी/पाबो-थाना पैठाणी क्षेत्र के ग्राम बनाणी, ग्रामसभा मंझोली पट्टी ढाईज्यूली में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 9:15 बजे डायल 112 पर सूचना मिली कि एक व्यक्ति चट्टान से नीचे गदेरे में गिर गया है। सूचना पर उपनिरीक्षक अजय रमन, उपनिरीक्षक आनन्द सिंह खरोला, हेडकांस्टेबल सुरजीत सिंह समेत पुलिस टीम आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुँची। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर घायल व्यक्ति को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान देवेंद्र लाल (44) पुत्र पानू लाल निवासी ग्राम कंडारा, विकासखंड अगस्त्यमुनि, जनपद रुद्रप्रयाग के रूप में हुई। वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनाणी में अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों और विद्यालय प्रबंधन को सूचना देकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे।

मंत्री डॉ धन सिंह रावत के दिशा निर्देशों पर पाबौ ब्लॉक में आपदा पीड़ितों को राहत चेक और राशन किट हुए वितरित

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार) जनपद पौड़ी के पाबौ ब्लॉक में आई आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को लगातार राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में रविवार को पाबौ ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विनोद रावत और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनवार रावत ने सेंजी व बुरांशी गांवों में आपदा पीड़ितों को राहत चेक और राशन किट वितरित किए। इस अवसर पर तहसीलदार दीवान सिंह राणा भी मौजूद रहे।

सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रावत ने बताया कि प्रदेश सरकार और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों के तहत आपदा प्रभावित परिवारों को निरंतर सहायता दी जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत सेंजी गांव में 84 आपदा पीड़ितों को 5 लाख 46 हजार रुपये के राहत चेक वितरित किए गए। वहीं, बुरांशी गांव में 37 परिवारों को 2 लाख 40 हजार रुपये के चेक और राशन किट उपलब्ध कराए गए।

उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित हर व्यक्ति तक राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी को देखते हुए निरंतर प्रभावित गांवों का दौरा कर सहायता दी जा रही है। प्रभावित ग्रामीणों ने इस मदद के लिए प्रदेश सरकार और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का आभार जताया।

आपदा से बुरी तरह प्रभावित सेंजी और बुरांशी गांवों में राहत सामग्री वितरण से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन द्वारा मिल रही मदद से उन्हें हौसला मिला है।

आपदा पीड़ितों के बीच पहुँचीं ब्लॉक प्रमुख लता रावत, मणकोली व फल्द्वाड़ी में बांटे राशन किट,दिलाया हर संभव मदद का भरोसा

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पाबौ(पहाड़ खबरसार)पाबौ ब्लॉक प्रमुख लता रावत शनिवार को ब्लॉक प्रशासन के साथ आपदा प्रभावित ग्राम मणकोली व फल्द्वाड़ी पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने आपदा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। आपदा की मार झेल रहे ग्रामीणों ने प्रमुख को अपने बीच पाकर राहत महसूस की।
मणकोली गांव में ब्लॉक प्रमुख ने आपदा से प्रभावित 16 परिवारों को राशन किट वितरित किए। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में हर संभव राहत सामग्री पीड़ितों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी आपदा पीड़ित परिवार को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
ग्राम प्रधान मणकोली,कविता देवी ने बताया कि गांव के 16 परिवारों के घरों में दरारें आने से वे अब सुरक्षित नहीं हैं और इन्हें अन्य घरों में शिफ्ट किया गया है। आपदा में चार गौशालाएं ध्वस्त हो गई हैं, कई पैदल मार्ग भी जमींदोज हो गए हैं, साथ ही राजकीय उच्च विद्यालय की चारदीवारी पूरी तरह से टूट चुकी है। इस पर प्रमुख ने शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।

वहीं फल्द्वाड़ी की ग्राम प्रधान सशी देवी ने कहा कि 6 अगस्त की आपदा से गांव को भारी नुकसान हुआ है। अधिकांश रास्ते टूट चुके हैं, एक मकान खंडहर में तब्दील हो गया है और पैजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से पानी का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा कुछ गौशालाएं भी खतरे की जद में हैं। उन्होंने प्रमुख को इन समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर प्रमुख ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आपदा प्रभावित सभी पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत देने का काम किया जा रहा है, कुछ परिवारों को राहत के चेक भी वितरित किये गए है, आपदा में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है आपदा प्रभावित सभी गांव को फिर से आबाद करना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है।

ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि उन्होंने दोनों गांवों के हालात जमीनी स्तर पर देखे हैं और प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों का जीवन जल्द ही सामान्य हो सके।

निर्विरोध नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख लता रावत का आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार) निर्विरोध नवनिर्वाचित पाबौ ब्लॉक प्रमुख लता रावत अपने कार्यभार संभालने के बाद लगातार क्षेत्र के गांवों का भ्रमण कर रही हैं और जनता के बीच जाकर उनका अभिवादन स्वीकार कर रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने पाबौ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

भ्रमण के दौरान उन्होंने कलगड़ी मल्ली, कलगड़ी तल्ली, डुमलोट, सालाना, बज्वाड, भैरो, कालो, चमगांव, पटोटी, माथौली और भरगड़ी गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

लता रावत ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रशासन और सभी विभाग ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और राहत व पुनर्वास कार्य तेजी से जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द आवश्यक संसाधन, राहत सामग्री और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने सभी ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रावत, मनोज रावत सहित कई स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। लता रावत का यह दौरा प्रभावित गांवों के लोगों में राहत और उम्मीद की किरण लेकर आया।

पाबौ ब्लॉक में धूमधाम से मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)79वां स्वतंत्रता दिवस प्रदेश सहित पूरे देश में बड़े उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। जनपद पौड़ी के पाबौ ब्लॉक में पहली बार निर्विरोध निर्वाचित हुईं ब्लॉक प्रमुख लता रावत ने ब्लॉक कार्यालय में ध्वजारोहण कर सलामी ली। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाकर देश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

ध्वजारोहण के उपरांत ब्लॉक प्रमुख लता रावत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ पहुंचीं, जहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हम सभी के लिए गर्व और सम्मान का दिन है, क्योंकि यह हमें उन शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आजादी दिलाई।

लता रावत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे वीर शहीदों से प्रेरणा लें और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें। उन्होंने क्षेत्रवासियों, प्रदेशवासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया।

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रावत, मनोज रावत, महेश ढोढ़ीयाल, जिला पंचायत सदस्य भरत रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल देशभक्ति गीतों और तिरंगे के सम्मान से सराबोर रहा।

पाबौ के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेड क्रॉस ने पहुंचाई राहत सामग्री

0

रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)जनपद पौड़ी गढ़वाल के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, पौड़ी गढ़वाल ने राहत सामग्री वितरण का कार्य किया। रेड क्रॉस की टीम ने वीरवार को कलगड़ी, बुरांशी, सेंजी और नोठा गांव में पहुंचकर आपदा पीड़ित परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। इनमें कंबल, किचन सेट और बारिश से बचने के लिए तिरपाल शामिल थे।

स्थानीय समाजसेवी पाबौ महेंद्र पोखियाल ने बताया कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पीड़ितों की सूची पहले से तैयार कर रेड क्रॉस टीम को सौंपी गई थी, जिसके आधार पर राहत सामग्री का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया।

राहत वितरण के दौरान कलगड़ी के 5 परिवारों, सेंजी के 20 परिवारों और बुरांशी के 15 परिवारों को सामग्री प्रदान की गई। इस मौके पर रेड क्रॉस के सचिव केशर सिंह असवाल, राम सिंह, जसपाल सिंह रावत, दीपक और राठ महाविद्यालय पैठाणी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

इन स्वयंसेवकों ने राहत सामग्री जरूरतमंद पीड़ित परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेड क्रॉस की इस पहल से आपदा प्रभावित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में राहत और सहारा मिला, जिससे उनका मनोबल भी बढ़ा।

error: Content is protected !!