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थलीसेण ब्लॉक प्रमुख पद पर फिर भाजपा का कब्ज़ा, कुट्टी भाई का तिलिस्म बरकरार

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पौड़ी(पहाड़ खबरसार)थलीसेण ब्लॉक में एक बार फिर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र रावत उर्फ़ कुट्टी भाई का राजनीतिक तिलिस्म कायम रहा। ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुनीता रावत ने भारी बहुमत से जीत हासिल की। कुल 38 सदस्यों में से 32 ने सुनीता रावत के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष की प्रत्याशी सुशीला रावत को मात्र 6 वोट मिले। इस निर्णायक जीत के साथ सुनीता रावत ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुईं।

पिछले 20 वर्षों से कुट्टी भाई के नेतृत्व में उनके समर्थित प्रत्याशी लगातार ब्लॉक प्रमुख पद पर काबिज़ होते आए हैं। इससे पूर्व उनकी धर्मपत्नी भी ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं, जबकि अन्य समर्थित प्रत्याशी भी इस पद को संभाल चुके हैं। इस बार की लड़ाई खास थी, क्योंकि भाजपा ने शुरू में नरेंद्र रावत की धर्मपत्नी मंजू रावत को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। लेकिन स्वास्थ्य कारणों से मंजू रावत ने अपनी देवरानी सुनीता रावत के पक्ष में दावेदारी छोड़ दी।

विपक्ष को लगा था कि इस स्थिति में उनके लिए रास्ता आसान होगा, मगर नतीजे इसके बिल्कुल विपरीत रहे। भाजपा ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि भारी बहुमत के साथ विपक्ष को करारा झटका दिया। नतीजों के बाद सैकड़ों समर्थकों ने आतिशबाजी और नारेबाजी के साथ जश्न मनाया। समर्थकों का जुलूस ब्लॉक मुख्यालय थलीसेण से पैठाणी तक निकाला गया, जो भाजपा के शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक बना।

इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि थलीसेण ब्लॉक में नरेंद्र रावत की राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन आज भी अटूट है, और विपक्ष के लिए उनके किले को भेद पाना फिलहाल नामुमकिन सा है।

कैबिनेट मंत्री व गढ़वाल सांसद ने किया सेंजी-बुराशी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा,हर संभव मदद का दिया आश्वासन

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)जनपद पौड़ी के सेंजी व बुराशी गांव में आई भीषण आपदा के बाद एक बार फिर स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आपदा पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और राहत कार्यों को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को सेंजी गांव के प्रभावित परिवारों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है। गांव के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि प्रदेश सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सेंजी गांव के पुनर्निर्माण और पुनर्वास पर 20 से 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक की राशि खर्च की जाएगी, जिससे गांव को फिर से बसाया जा सके। यदि आवश्यकता हुई तो गांव के विस्थापन पर भी विचार किया जाएगा।

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि वह लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को आवश्यक मदद से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

ब्लॉक प्रमुख पाबौ लता रावत ने बताया कि प्रभावित परिवारों को लगातार राहत राशि दी जा रही है। इसी क्रम में सेंजी गांव में विक्रमशिला जी के परिवार को 1,30,000 रुपये का राहत चेक प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि आगे भी अन्य प्रभावित परिवारों को राहत दी जाएगी। साथ ही दोनों गांवों में बिजली और पानी की आपूर्ति वैकल्पिक माध्यमों से काफी हद तक बहाल कर दी गई है और शेष मूलभूत सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष पाबौ विमल नेगी, पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह भंडारी, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत, विधायक प्रतिनिधि गुलाब बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

ब्लॉक प्रमुख लता रावत ने सेंजी- बुरांशी में आपदा पीड़ितों से की मुलाकात, दिलाया हर संभव मदद का भरोसा

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख बाबू, लता रावत ने पाबौ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले आपदा प्रभावित गांव सेंजी- बुरांशी का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने अपने दुख-दर्द को साझा किया, जिस पर ब्लॉक प्रमुख भावुक हो उठीं।

प्रमुख लता रावत ने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि क्षेत्र के आपदा ग्रस्त इलाकों में समय पर राहत सामग्री उपलब्ध हो। उन्होंने स्वीकार किया कि इन गांवों को फिर से सामान्य स्थिति में लाने में समय लगेगा, लेकिन पूरा शासन-प्रशासन आपदा पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि गांव में बिजली और पेयजल लाइन को वैकल्पिक रूप से चालू कर दिया गया है। साथ ही टूटे हुए रास्तों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम विभागों द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर और दुकानें आपदा में नष्ट हुई हैं, उनकी हर संभव मदद की जाएगी। पीड़ितों द्वारा रखी गई समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। राहत पैकेट भी लगातार जरूरतमंदों तक पहुंचाए जा रहे हैं, ताकि गांव के जीवन को पटरी पर लाने की प्रक्रिया तेज हो सके।

निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख ने उस परिवार से भी मुलाकात की, जिसने आपदा में अपनी माँ और जेठी को खो दिया। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

इस मौके पर बुरांशी ग्राम प्रधान विजय राम खनख्रियाल, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रावत,मनोज सिंह रावत, प्रेम सिंह,कलम सिंह भंडारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

आपदा में भाईचारे की मिसाल: रक्षाबंधन पर पौड़ी पुलिस और SDRF बने ‘रक्षक भाई’

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जहां चारों ओर कठिनाई और चिंता का माहौल है, वहीं रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया। जनपद पौड़ी के कोतवाली क्षेत्रांतर्गत आपदा से बुरी तरह प्रभावित सैजी गांव में बहनों ने पौड़ी,पाबौ पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना ‘रक्षक भाई’ माना। यह राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और भाईचारे का अटूट प्रतीक बनी।

पिछले कई दिनों से पुलिस और एसडीआरएफ के जवान लगातार राहत व बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। वे न केवल जीवन बचा रहे हैं, बल्कि प्रभावित परिवारों के दिलों में साहस और भरोसा भी भर रहे हैं। बहनों की आंखों में उस समय राहत और गर्व की चमक थी जब उन्होंने अपने ‘वर्दीधारी भाइयों’ को राखी बांधी। जवानों ने भी वचन दिया कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ रहेंगे और किसी भी खतरे से उन्हें सुरक्षित रखेंगे।


 

आपदा के बीच स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से नवजात की जान बची

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)विकासखंड पाबौ के आपदा प्रभावित क्षेत्र सेंजी-बुराशी से सटे पटोटी गांव में बीते दिन एक हाई रिस्क डिलीवरी का मामला सामने आया। क्षेत्र में आपदा के कारण कई मार्ग बाधित होने से परिवहन पूरी तरह ठप था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ के प्रभारी डॉक्टर पंकज सिंह ने तुरंत महिला के परिजनों से संपर्क कर उन्हें डिलीवरी से पूर्व अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। हालांकि परिजनों ने दूरी और मार्ग बाधित होने का हवाला देते हुए तत्काल भर्ती से इंकार कर दिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की। टीम के प्रयासों से महिला को पटोटी से पैदल मार्ग के माध्यम से मुख्य सड़क तक लाया गया। वहां से 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ पहुँचाया गया। जांच के बाद, हाई रिस्क डिलीवरी को देखते हुए महिला को तत्काल बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया।

स्वास्थ्य कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और समन्वय का ही परिणाम था कि देर रात महिला ने बेस अस्पताल में एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इस पूरे अभियान में सबसे बड़ी चुनौती पैदल मार्ग से महिला को सुरक्षित मुख्य मार्ग तक लाना था, क्योंकि आपदा के कारण पाबौ ब्लॉक में कई जगह सड़कें टूट चुकी थीं और भारी बारिश से हालात विकट बने हुए थे।

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस तत्परता की सराहना की और कहा कि यदि समय पर यह प्रयास न होता, तो किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता था। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि आपदा की विषम परिस्थितियों में भी संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और टीमवर्क से जीवन बचाया जा सकता है।

विभाग नहीं पहुँचा तो ग्रामीणों ने श्रमदान से खोला पैदल मार्ग

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ(पहाड़ खबरसार)बीते बुधवार को आई आपदा का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जगह-जगह मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों की आवागमन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। विशेषकर कुई–बरसुड़ी मार्ग पूरी तरह से बह जाने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मार्ग के टूट जाने से न तो पैदल आवाजाही संभव थी और न ही किसी प्रकार का वाहन आवागमन।

सरकारी विभागों की ओर से तत्काल मदद न पहुँच पाने की स्थिति में ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर श्रमदान की मिसाल पेश की। आपसी सहयोग और मेहनत के बल पर ग्रामीणों ने मार्ग को पैदल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुचारू कर दिया, जिससे पाँच गाँवों की आवाजाही पुनः शुरू हो सकी। इस सामूहिक प्रयास में प्रेम सिंह रावत, नीरज सिंह, साहिल भंडारी, दिगम्बर सिंह, विनपीं भंडारी और गोपाल दीपक भंडारी सहित अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय सरकारी इंतज़ार करने से बेहतर है कि हम खुद एकजुट होकर समस्या का समाधान करें। इस श्रमदान से न केवल मार्ग खुला, बल्कि गाँवों के बीच आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र स्थायी रूप से सड़क की मरम्मत कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराएगा, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

आपदा में स्वास्थ्य महकमे की फरिश्ते जैसी सेवा

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पाबौ(पहाड़ खबरसार)जनपद पौड़ी के पाबौ ब्लॉक के बुरांशी, सेंजी, कलगड़ी, मानकोली, फलद्वाड़ी सहित कई गांव हाल ही में आई आपदा की जद में आए हैं, जहां सबसे अधिक जन-धन की हानि दर्ज की गई है। इस आपदा में जनपद के तीन लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिनमें बुरांशी गांव की दो सगी बहनें भी शामिल थीं। इन विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग ने बिना किसी स्वार्थ और भय के, मानवीय संवेदनाओं के साथ, आपदाग्रस्त क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर एक मिसाल कायम की है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ के प्रभारी डॉक्टर पंकज के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बुरांशी और सेंजी गांव में टीम ने न केवल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया, बल्कि अब तक लगभग 70 लोगों का इलाज उनके गांव में ही जाकर किया गया। मार्ग बाधित होने के कारण कई बार दवाओं का आदान-प्रदान भी स्वास्थ्य कर्मियों को पैदल ही करना पड़ा।

बुरांशी में दो सगी बहनों की मृत्यु के मामले में, भूगोल और मौसम की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए शवों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं था। ऐसे में डॉक्टर मानवेंद्र तिवारी और रोहित रावत ने गांव में ही पोस्टमार्टम कर परिजनों को राहत दी। यह कदम स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

इस दौरान आशा कार्यकर्ता, रविंद्र रावत, आशा रावत, कुसुम, नेहा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मजबूती से अपनी सेवाएं दीं। तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ में डॉक्टरों की टीम के साथ डॉ संजय उनियाल, आशीष रावत,अरुण पोखरियाल, शरद थपलियाल 24 घंटे अलर्ट मोड पर है जो किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इन सभी ने अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा की परवाह किए बिना, आपदा से जूझ रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखी।

इस कठिन समय में स्वास्थ्य महकमे की भूमिका न केवल चिकित्सा सेवा देने की रही, बल्कि ग्रामीणों में भरोसा जगाने और आपदा से उबरने की शक्ति देने की भी रही। इन स्वास्थ्य कर्मियों का यह समर्पण दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मानवीय सेवा और कर्तव्यनिष्ठा सबसे बड़ा साहस है।

नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य भरत रावत ने पेश की मिसाल,चुनाव के ठीक बाद जारी किया सेवा संपर्क नंबर

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

 

पाबौ//त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकांश जनप्रतिनिधि विश्राम के मूड में नजर आ रहे हैं। कुछ क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य तो अब ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की रणनीति में जुट चुके हैं। कई तो अज्ञातवास में चले गए हैं और जनता के फोन तक उठाना बंद कर दिया है। लेकिन इन सबके बीच पाबौ विकासखंड के कलूण क्षेत्र से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य भरत रावत ने एक सराहनीय पहल करते हुए मिसाल कायम की है।

भरत रावत ने चुनाव जीतने के बाद अपना सेवा संपर्क नंबर – 9758808507 जारी कर जनता के साथ सीधा संवाद कायम किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कभी भी अपने नंबर का प्रचार नहीं किया, लेकिन अब जब जनता ने उन्हें प्रतिनिधित्व का अवसर दिया है, तो यह उनका कर्तव्य है कि वह जनसेवक की तरह कार्य करें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधि बनना जिम्मेदारी का काम है, न कि चुनाव जीतकर अज्ञातवास में चले जाने का अवसर। भरत रावत की यह पहल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच खूब सराही जा रही है। उनकी इस पारदर्शिता और जनता से सीधे जुड़ाव को कई लोग उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं।

जनता को भरोसा है कि भरत रावत जैसे युवा और जागरूक जनप्रतिनिधि विकास की नई इबारत लिखेंगे। उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों को भी संदेश दिया है कि जनता ने उन्हें सम्मान और सेवा का अवसर दिया है, इसलिए जनता के बीच रहकर काम करना ही असली जनसेवा है।

त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव: मतगणना 31 जुलाई को,पाबौ में दांव पर बड़ी सियासी साख

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

 

पाबौ//त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के दूसरे चरण का मतदान सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। अब सभी की नजरें 31 जुलाई को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। पाबौ ब्लॉक में पहले चरण के तहत 14 ग्राम प्रधान, 265 वार्ड मेंबर और दो क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हो चुका है। अब शेष बचे 58 ग्राम प्रधानों, तीन जिला पंचायत सदस्यों, 25 क्षेत्र पंचायत सदस्यों और छह वार्ड सदस्यों के भाग्य का फैसला मतगणना के बाद सामने आएगा।

निर्वाचन विभाग ने मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली हैं। रिटर्निंग ऑफिसर पाबौ अमित चौहान ने बताया कि मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतगणना स्थलों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि पाबौ ब्लॉक में कुल 18,668 मतदाताओं में से 10,106 महिला मतदाताओं और 8,562 पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी अधिक रही।

मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं और छह राउंड में मतगणना प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी सीटों के विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।

इस चुनाव में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दोनों नेताओं के करीबी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और इनकी जीत-हार से दोनों नेताओं की क्षेत्रीय पकड़ का भी अंदाजा लगेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह पंचायत चुनाव आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करेगा और संभावित समीकरणों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में इन चुनावों का परिणाम न सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि राज्य की राजनीति में भी गूंज पैदा कर सकता है।

पंचायत चुनाव/ हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव के सम्बंध में क्या कहा??

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नैनीताल ब्रेकिंग

★ उत्तराखंड पंचायत चुनावों के मामले में हाईकोर्ट से बड़ी खबर

★ राज्य निर्वाचन आयोग को HC से नहीं मिली राहत

★हाईकोर्ट ने फिर कहा पंचायतीराज एक्ट के मुताबिक चुनाव कराए आयोग

★11 जुलाई के आदेश के खिलाफ चुनाव आयोग ने HC में फाइल की थी रिव्यू पिटिशन

★ HC ने दो जगह वोटर होने वाले लोगों के नामांकन को नहीं माना था सही

★HC के आदेश से एक बार फिर मची खलबली

★ HC ने नहीं लगाई है चुनाव पर कोई रोक

★ HC ने साफ किया कोई भी पीड़ित शिकायत होने पर चुनाव के बाद दाखिल कर सकता है इलेक्शन पिटिशन

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