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ब्रेकिंग//स्टार क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी पहुँचे ल्वाली गांव,ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

अल्मोडा(पहाड़ ख़बरसार)क्रिकेट स्टार महेन्द्र सिंह धोनी आज अल्मोडा जनपद के विकास खण्ड के लमगड़ा में अपने पैतृक गाँव ल्वाली पहुंचे।इस दौरान उनके गांव ल्वाली में उनके परिवार एव ग्रामीणों स्वागत किया साथ माही ने पैतृक गांव में अपने इष्टदेव की पूजा अर्चना की और परिवार जनों के साथ फोटो खिंचवाई और पैतृक गांव में अपने घर का जायजा भी लिया और अपने साथियों से मुलाकात की तथा प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया एवं चाय भी पी।टीम इंडिया के पूर्व कप्तान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी इन दिनों उत्तराखंड के कुमाउं दौरे पर है। धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ आज अल्मोड़ा जिले के जैती तहसील स्थित अपने पैतृक गांव ल्वाली पहुंचे। धोनी के गांव पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान धोनी व उनकी पत्नी सबसे पहले अपने पैतृक आवास पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने गांव में स्थित गोल्यूज, हरज्यू व अपनी कुलदेवी के मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी ने गांव के लोगों के साथ अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। इस दौरान धोनी के साथ उनके रिश्तेदारों व ग्रामीणों ने जमकर सेल्फी व तस्वीरें ली। महेंद्र सिंह धोनी 20 साल बाद अपने गांव पहुंचे। इससे पहले वह 2003 में गांव आए थे।

बूंखाल कालिका देवी ,उत्तराखंड में माँ काली का जाग्रत स्वरूप,इस वर्ष 2 दिसम्बर को होगा बूंखाल कालिका मेला

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)उत्तराखंड के पौड़ी जिले के थलीसैंण विकासखंड के अंतर्गत कन्डारस्यू पट्टी के बूंखाल में माँ काली का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। माँ काली पौड़ी के राठ क्षेत्रवासियों की आराध्य देवी है। इस मंदिर का कोई प्रमाणिक इतिहास उपलब्ध नही है। इस क्षेत्र के बड़े बुजुर्गों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 18 वी शताब्दी में हुवा है। यह देवी बूंखाल कालिका के नाम से जग प्रसिद्व है ।

इस वर्ष 2 दिसम्बर को बूंखाल कालिका मेला होना सुनिश्चित हुआ है। मेला सीमित के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह व सचिव विनोद गोदियाल ने बताया कि इस वर्ष मां कालिका के मंदिर में 2 दिसंबर को भव्य मेला का आयोजन करना सुनिश्चित हुआ है उन्होंने बताया कि समिति द्वारा मेरे को शांति पूर्वक का व भव्य रूप से संपन्न करवाने हेतु कार्य शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मेले में जाकर सम्राट प्रीतम भरतवार्ण अपने संगीत से भक्तगणों का मन मोहेगें, तो स्थानीय विधायक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत मेले में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद होंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों की संख्या में भक्ति मां की दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में पहुंचेंगे।

क्यों हुई मेले में बलि प्रथा समाप्त

बूंखाल काली मंदिर में प्रतिवर्ष मार्गशीष शुक्ल पक्ष में पशुबलि का बहुत बड़ा मेला लगता था। 2014 में पशुबलि बंद होने के बाद यह मेला ,सात्विक मेले में बदल दिया गया। तबसे डोली यात्रा, कलश यात्रा और भव्य पूजन अर्चना इस मेले की पहचान बन गई है। बूंखाल देवी मेले में पहले बकरों और भेड़ों की बलि दी जाती थी। और एक दो नर भैसों की बलि भी दी जाती थी। धीरे धीरे मेला व्यापक हो गया। और बाद में उत्तराखंड में बलि प्रथा बन्द कर दी गई। मेले से पूर्व मंदिर के पुजारी बूंखाल की खाड़ में बिंदी चढ़ाकर कालीचक्र बनाते हैं। स्थानीय रीति रिवाजों के अनुसार मेले में 3 या 5 दिन पूर्व से कालिका माता का मंडाण शुरू हो जाता है । बूंखाल काली मंदिर में पुजारी ,गोदियाल जाती के लोग होते हैं।

बूंखाल कालिका की कहानी

किंवदंतियों के अनुसार बूंखाल कालीका माता का अवतरण 400 साल पूर्व पौड़ी जिले के कन्डारस्यूं पट्टी के चौपड़ा गावँ में एक शिल्पकार परिवार में लोहार वंश की एक कन्या के रूप में हुआ था। एक मेंडला के जंगल मे गाय चराते हुए, बच्चों ने खेल खेल में इस कन्या को गड्ढे में दबा कर ऊपर से मिट्टी डाल दी। दो तीन दिन खोजबीन के बाद इस कन्या का कहीं भी पता नही चला, तो बाद में वह कन्या अपने माता पिता को स्वप्न में आई और उसने बताया कि उसे मेंडला के जंगल मे गड्ढे में दबाया है । अब वह कालिका बन चुकी है , और उसे बूंखाल की भूमि में काली रूप में स्थापित किया जाय।
कहा जाता है कि इस कन्या की मंगनी ( सगाई ) ग्राम नलई के कल्या लोहार बंश में हो चुकी थी, इसलिए कन्या ने बूंखाल चुना, वहां से नलई गावँ पर भी नजर पड़ती है।

जबकि कुछ लोगो की मान्यता है, कि मेंडला में हरियाली देवी का वास होने के कारण कालिका को वह स्थान छोड़ना पड़ा ।

मान्यता है, कि माँ काली के कहने पर देवी की स्थापना एक गड्ढे में कई गई है। जहां से किसी भी विपत्ती आने से पूर्व वो क्षेत्रवासियों को आवाज देकर सतर्क कर देती थी । कहते हैं गोरखा आक्रमण के समय देवी ने आवाज देकर सूचना दी तो । गोरख़ालियों ने मूर्ति की गर्दन काटकर अपने साथ नेपाल ले गए और धड़ को उसी गड्ढे में उल्टा दबा दिया। कहते हैं तबसे देवी का आवाज देना बंद हो गया ।

दिवाली के साथ आखिर क्योंं मनाए जाते हैं ये पर्व, जानें कब कौन सा पड़ेगा त्योहार

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)सनातन परंपरा में अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाने वाले दीपावली महापर्व का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. धनतेरस से लेकर भाई दूज तक मनाए जाने वाली दिवाली आखिर हर साल क्यों मनाई जाती है और क्या है इससे जुड़ी मान्यता, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

हिंदू धर्म में कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि से लेकर कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तक दीपावाली या फिर कहें दिवाली के पंचमहापर्व को मनाए जाने का विधान है. दीयों से जुड़ा यह पर्व अब चंद दिनों के बाद आने वाला है. अंधेरे पर प्रकाश की विजय से जुड़े इस पर्व को लेकर अलग-अलग धर्मों में अलग-मान्यताएं हैं. मसलन कोई इसे शुभ और लाभ के देवता भगवान श्री गणेश और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे ज्यादा फलदायी मानता है तो कोई इसे अपने आराध्य के निर्वाण या फिर उसकी वापसी की खुशी में मनाता है. दिवाली पर्व से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं को आइए विस्तार से जानते हैं.

हिंदू धर्म में क्यों मनाया जाता है दिवाली का पर्व

हिंदू धर्म से दिवाली के पर्व को मनाए जाने के पीछे कई प्रकार की कथा और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. इनमें से सबसे ज्यादा प्रचलित मान्यता है कि कार्तिक मास की अमावस्या के दिन ही भगवान राम लंका विजय करने के बाद अयोध्या नगरी लौटे थे. जिनके आगमन पर अयोध्यावासियों ने घी के दीये जलाकर उनका स्वागत किया था. मान्यता यह भी है कि इसी दिन समुद्र मंथन के बाद धन की देवी मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था. दिवाली को लेकर कुछ लोगों की मान्यता है कि इसी दिन पांडव 12 वर्ष का वनवास काटकर वापस लौटे थे, जबकि कुछ लोग इसे राजा विक्रमादित्य के राजतिलक का दिन मानते हैं.

हनुमान पूजा : 11 नवंबर 2023, शनिवार

नरक चौदस / दीपावली : 12 नवंबर 2023, रविवार

गोवर्धन पूजा / अन्नकूट : 14 नवंबर 2023, मंगलवार

भाई दूज : 15 नवंबर 2023, बुधवार

बौद्ध धर्म से जुड़े लोग क्यों मनाते हैं दिवाली

दिवाली को लेकर बौद्ध धर्म से जुड़ी मान्यता है कि इसी दिन उनके आराध्य भगवान गौतम बुद्ध 18 साल बाद अपनी जन्मभूमि कपिलवस्तु वापस लौटे थे. मान्यता है कि उनके अनुयायियों ने उस दिन उनका दीये जलाकर स्वागत किया था. तभी से इस धर्म से जुड़े लोग इस दिन अपने घर में दीये जलाकर इस पावन पर्व को मनाते हैं.

दिवाली को लेकर जैन धर्म से जुड़ी मान्यता
जैन धर्म से जुड़े लोगों का मानना है कि उनके 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर दिवाली के दिन ही बिहार के पावापुरी में निर्वाण की प्राप्ति हुई थी. इसी खुशी में इस धर्म से जुड़े लोग भगवान महावीर की पूजा दीया जलाकर करते हैं. हालांकि उनके साथ लोग भगवान गणेश, लक्ष्मी और मां सरस्वती की पूजा भी करते हैं.

दिवाली को क्यों कहा जाता है पंचमहापर्व
जिस दिवाली का इंतजार लोगों को पूरे साल बना रहता है, वो एक नहीं बल्कि 5 पर्वों से जुड़ा त्योहार है. जिसमें पहला धनतेरस पड़ता है, जिसमें भगवान धन्वतरि की पूजा का विधान है तो वहीं चतुर्दशी तिथि पर छोटी दिवाली मनाई जाती है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था. इसी प्रकार दीपावली के दिन भगवान श्री गणेश, माता लक्ष्मी, कुबेर देवता, माता काली और मां सरस्वती की पूजा का विधान है. चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवें दिन भाई दूज मनाया जाता है।

स्वास्थ्य उपचार के लिए सतपुली गई महिला हुई लापता,महिला के पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

सतपुली(पहाड़ ख़बरसार) जनपद पौड़ी गढ़वाल के तहसील पौड़ी विं खं कल्जीखाल पट्टी के ग्राम कुनकुली का एक मामला सामने आया है । जहाँ ग्राम कुनकुली की रोशनी देवी पत्नि मुकेश सिंह नेगी उम्र 35 वर्ष कद 5 फुट रंग गोरा अपने घर ग्राम कुनकुली से सतपुली बाजार यह बताकर गयी कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। ओर वह सतपुली से दवा लेकर अपने मायके ग्राम ग्वाडी़ वि0 ख0 द्वारीखाल चली जाएगी और अगले दिन सुबह वहां से वापस आ जाऊंगी। मगर जब 07 नवंबर शाम को पति मुकेश सिंह नेगी ने फोन किया तो महिला का फोन लगातार बंद जा रहा है। महिला के पति मुकेश सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने अन्य रिश्तेदारों से भी महिला के सम्बंध में पता किया मगर महिला की कोई जानकारी नही मिल पाई।


मुकेश द्वारा काफी खोजबीन एवं तलाश करने के बावजूद महिला का कहीं पता नहीं चल पाया है। जिसके बाद महिला के पति ने क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर खोजबीन की मांग की है। वहीं राजस्व उपनिरीक्षक धजवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि मुकेश सिंह नेगी पुत्र विरेन्द्र सिंह नेगी ग्राम कुनकुली पट्टी पश्चिमी मनियारस्यूं 1 तहसील पौड़ी के मुकेश सिंह की पत्नी रोशनी देवी उम्र 35 वर्ष कद 5 फुट रंग गोरा अपने घर दिं0 07 नवंबर सुबह साढ़े 6 बजे घर से यह कहकर गई कि स्वास्थ्य उपचार के लिए सतपुली बाजार जा रही हूं पति मुकेश सिंह के द्वारा फोन करने पर उसका फोन बंद आ रहा है अन्य किसी रिश्तेदारों के यहां भी नहीं है। पति मुकेश सिंह ने आज 09 नवंबर सुबह 11 बजे पत्नि रोशनी देवी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है महिला की खोजबीन शुरू की गई है। राजस्व उपनिरीक्षक चौहान ने जनहित से आग्रह किया कि महिला का पता जिस व्यक्ति को पता चल जाएगा तो कृपया करके निम्न नम्बरो राजस्व उपनिरीक्षक धजवीर सिंह चौहान 8475958407 एवं पति मुकेश सिंह (वादी)8191039611पर सूचित करने का कष्ट करें।

महाराज ने प्रदेश वासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

देहरादून(पहाड़ ख़बरसार) प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने पृथक राज्य आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले राज्य आंदोलनकारियों के योगदान और इस दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को नमन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों को 9 नवंबर राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कई वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद 9 नवम्बर 2000 को उत्तराखंड को 27वें राज्य के रूप में भारत गणराज्य में शामिल किया गया था। हमारा राज्य संस्कृति, जातीयता और धर्म का समामेलन होने के साथ-साथ भारत के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है। उत्तराखंड वासियों को हमेशा प्रेम, सौहार्द, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के मौके पर हम सभी उत्तराखंड राज्य आंदोलन के वीर शहीदों को नमन करते हुए उत्तराखंड की मूल भावना के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

ब्रेकिंग – सतपुली क्षेत्र में अवैध खनन का हुआ पर्दाफाश

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

सतपुली(पहाड़ ख़बरसार)सतपुली में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन का अब जाकर पर्दाफाश हुआ है जब नए उप जिलाधिकारी सतपुली ने आकर सटकुली में अपना कारोबार संभाला उसके बाद उपजिलाधिकारी द्वारा कल देर रात एक बड़ी कामयाबी मिली है, कल देर रात को उपजिलाधिकारी सतपुली अबरार अहमद को सूचना मिली कि आधी रात 12 बजे को खनन माफिया सतपुली के नजदीक नयार नदी में भारी मात्रा अवैध रूप से खनन कर रहे थे, जिसके बाद आधी रात को तहसीलदार सतपुली सुधा डोबाल मौके पर पहुँची, ओर अवैध रूप से खनन कर रहे पांच डंपर और एक जेसीबी मशीन को सीज किया गया, जिसके बाद खनन माफियाओं में दहशत फैली हुई है।

आपको बतादे लंबे समय से नायर नदी में अवैध खनन से खनन माफिया चांदी काट रहे थे, वही नायर नदी में अवैध खनन से भी प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे थे, जिसके बाद प्रशासन अब हरकत में आया और बड़ी कार्यवाही की है।

वही उपजिलाधिकारी सतपुली अबरार अहमद का कहना है कि अब

अवैध खनन करने वालो पर सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की

जाएगी।

रामलीला मंचों से लगातार चल रहा पौड़ी पुलिस का जन जागरूकता अभियान

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया पौड़ी श्रीमती श्वेता चौबे द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत रामलीला मंचन के दौरान रामलीला कमेटी से समन्वय स्थापित कर दर्शकों को यातायात नियमों, नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराध, महिला सम्बन्धी अपराध, गुड टच बेड टच, नशे के दुष्प्रभावों के विषय में नाटक, नुक्कड़ नाटक, व्याख्यानों आदि के माध्यम से जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही महिलाओं एवं युवतियों को उत्तराखण्ड पुलिस एप के गौरा शक्ति मोड्यूल में ज्यादा से ज्यादा रजिस्ट्रेशन करने हेतु कहा गया है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि रामलीला मंचन के दौरान दर्शकों को प्रेरित करें कि वे अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत होने वाली अवैध गतिविधियों/मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पुलिस दें।

जिसके क्रम में दिनाँक 06.11.2023 को लैन्सडाउन क्षेत्रान्तर्गत गुमखाल में हो रही रामलीला में लैन्सडाउन पुलिस द्वारा रामलीला कमेटी के साथ समन्वय स्थापित कर रामलीला में उपस्थित दर्शको को साइबर अपराध, महिला सम्बन्धी अपराध, यातायात नियमों, नशे के दुष्प्रभावों, किरायेदारों का सत्यापन आदि के विषय में व्याख्यानों के माध्यम से जागरूक किया गया साथ ही दर्शकों को डायल-112 एवं साइबर हेल्पलाइन-1930 के बारे में जानकारी देते हुए अपने-अपने क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों/मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।

अपर सचिव सहकारिता ने लापरवाही पर सचिव को किया निलंबित दूसरे को अंतिम चेतावनी

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पौड़ी/पाबौ(पहाड़ ख़बरसार)

निबंधक सहकारी समितियां अपर सचिव सहकारिता  श्री आलोक पांडे दो दिवसीय पौड़ी जनपद के निरीक्षण भ्रमण पर मंगलवार को पाबौ ब्लॉक  की  समितियों ओर जिला सहकारी बैंक की पाबौ शाखा का निरक्षण करने पहुंचे  इस से पूर्व निबंधक द्वारा चोपड़ा में निर्मित सेब के बगीचे का मुआयना किया गया, 

निबंधक द्वारा पाबौ ब्लॉक के गोठली, बुराँसी, पांग, बिडोली , क्यार्द  पलीगांव ,ढीकवाली, समितियो में  निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान गोठली ओर क्यार्द समिति में स्टाफिंग पैटर्न को लेकर गड़बड़ी मामले में जिला सहायक निबंधक को जांच के आदेश दिए साथ ही बुराँसी समिति के सचिव को लापरवाही बरतने  पर निलंबित ओर गोठली समिति के सचिव को अंतिम चेतावनी दी गई ब्लॉक की समितियो को निबंधक द्वारा 15 दिन के भीतर कंप्यूटराइजेशन डाटा मिलान के निर्देश दिए।

निरीक्षण के पश्चात निबंधक द्वारा ब्लॉक स्तर पर सभी अधिकारियों की समीक्षा बैठक की  बैठक में  समितियां की स्थिति में सुधार और आय के नए स्रोत विकसित करने संबंधी  निर्देश दिए निबंधक द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया समितियां के द्वारा अधिक से अधिक सदस्य बनाये महिला सदस्यों को वरीयता के आधार पर समितियो का सदस्य बनाएं 

 माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना के अंतर्गत पाबौ ब्लॉक के  ढीकवाली गांव में भूमि का चयन किया गया है निबंधक द्वारा गांव में अधिकारियों के साथ भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया गया  निबंधक द्वारा जिला सहायक निबंधक को निर्देशित किया की समितियां की स्थिति में सुधार के लिए प्रति सप्ताह समीक्षा बैठक की जाए और प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए उनके द्वारा कहा गया दिसंबर माह में पुनः वह निरीक्षण करने आएंगे तब तक स्थिति में सुधार कर लिया जाए

पाबौ ब्लॉक के पश्चात पौड़ी में समिति द्वारा संचालित पेट्रोल पंप का भी उनके द्वारा निरीक्षण किया गया।

इस दौरान  उप निबंधक नरेंद्र सिंह रावत, जिला सहायक निबंधक पान सिंह राणा सचिव महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी अपर जिला सहायक अधिकारी और दिग्विजय सिंह    उपस्थित रहे।

जनपद में 20 बड़े बकायदारों से एनपीए वसूली हो नही तो जल्द किया जाए वारंट जारी- आलोक पांडेय

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रिपोर्ट-मुकेश बछेती

पौड़ी(पहाड़ ख़बरसार)
आज सोमवार को निबंधक सहकारी समितियां आलोक पांडेय ने  पौड़ी जनपद के श्रीनगर खिर्सू ब्लॉक के  श्रीनगर और श्रीकोट  सहकारी बैंक  और देवलगढ़, खिर्सू, श्रीकोट, बहुउद्देशीय सहकारी समितियां का निरीक्षण किया ।  निबंधक द्वारा इस दौरान बैंक अधिकारियों और समिति के सचिवों से समीक्षा बैठक की गई । समिति के सचिवों और सहकारी बैंक प्रबंधकों को एनपीए वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए  लापरवाही  बरतने  पर वेतन रोके जाने की  बात कही

 निबंधक सहकारी समितियां (IAS) आलोक पांडेय  दो दिवसीय  पौड़ी जनपद के श्रीनगर , पाबौ, खिर्सू, भ्रमण पर है आज प्रथम दिवस उनके द्वारा श्रीनगर और श्रीकोट सहकारी बैंक  और समितियां का निरीक्षण किया गया निबंधक द्वारा सहकारी समितियां के सचिवों को निर्देश दिए गए कि जल्द से जल्द समितियां में अधिक से अधिक सदस्य बनाए जाएं महिला सदस्यों को प्राथमिकता और वरीयता के आधार पर समिति का सदस्य बनाएं साथ ही जिला सहकारी बैंकों में जो भी खाता धारक है उन्हें भी समितियां का सदस्य बनाया जाए इसके साथ ही किस प्रकार समितियां की आय में वृद्धि हो सके इसको लेकर मंथन किया जाए और आय के नए साधन विकसित किए जाएं समितियां में सीएससी सेंटर के अलावा अन्य क्रियाकलाप भी किया जाए।

निबंधक महोदय द्वारा बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि विभिन्न प्रकार के ऋण भी वितरित किया जाए और सरकारी विभाग के कर्मचारियों को बैंक का खाता धारक बनाकर यदि वह ऋण लेने के इच्छुक है थे उन्हें आसानी ऋण वितरित किया जाए जिला सहकारी बैंक प्रबंधक को  निर्देश दिए की 20 बड़े बकायादार को चिन्हित कर उनसे एनपीए वसूली की जाए यदि वसूली नहीं हो पाती है तो नियम अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाए एनपीए वसूली में  लापरवाही  बर्दाश्त नहीं की जाएगी कोताही बरतने पर संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी श्रीनगर में महिला सहकारी बैंक को निबंधक के द्वारा निर्देशित किया गया यदि जल्द ही बैंक अगले वित्तीय वर्ष तक लाभ की स्थिति में नहीं आ पाता है तो महिला ब्रांच को  सहकारी बैंक में समाहित कर दिया जाएगा बैंक के सभी कर्मचारियों को निबंधक द्वारा अपना पहचान पत्र और नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए,

  निबंधक द्वारा खिर्सू ब्लॉक के कोटी गांव में सामूहिक सहकारी खेती का स्थलीय निरीक्षण  भी  गया 

विभाग द्वारा संचालित सामूहिक सहकारी खेती योजना के तहत कोटी गांव में भूमि का चयन किया गया है  ग्रामीणों ने निबंधक आलोक पांडे का हार्दिक आभार प्रकट किया इसके पश्चात वह मंगलवार को पाबौ समितियां का निरीक्षण करेंगे और चोपड़ा गांव मैं बनाए जा रहे सेब के बगीचे का भी अवलोकन करेंगे।

इस अवसर पर उप निबंधक नरेंद्र सिंह रावत, जिला सहायक निबंधक पान सिंह राणा सचिव महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी अपर जिला सहायक अधिकारी और दिग्विजय सिंह  बडथ्वाल उपस्थित रहे।

ब्रेकिंग//पाबौ ब्लॉक की ढिक्वाली गांव की 35 वर्षीय संतोषी देवी पर भालू ने किया हमला,किया गंभीर रूप से घायल

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रिपोर्ट/मुकेश बछेती

पाबौ(पहाड़ ख़बरसार) जंगल में हरा चारा लेने गयी महिला पर भालू ने हमला कर दिया। गंभीर हालत में निजी वाहन से घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ भर्ती कराया गया । पाबौ ब्लॉक के ग्राम सभा ढिकवाली चौडी निवासी संतोषी देवी 35 वर्षीय पत्नी मनोज नेगी आज सुबह गांव से दो सो मीटर दूर जंगल में चारा लेने गयी थी । उनके साथ गांव के कुछ और लोग भी थे। तभी भालू ने उन पर हमला कर दिया। पंजों के वार से उनके दोनों हाथ लहूलुहान हो गया। उन्होंने बचाव के लिए आवाजें लगाई, जिसके बाद भालू भाग गया। किसी तरह महिला ने अपनी जान बचाई और घायलावस्था में घर पहुँची। घटना से क्षेत्र के ग्रामीण में भय का माहोल पैदा हो गया है जिला पंचायत सदस्य आशुतोष पोखरियाल,क्षेत्र पंचायत धनवीर सिंह नेगी,संदीप कोठियाल,पिंटू ने क्षेत्र में जगली जानवरों से वन विभाग से निजात दिलाने की मांग की है।

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